SC का आदेश, फिल्म फेस्टिवल में 40 फिल्में चलेंगी तो 40 बार खड़ा होना होगा

उच्च न्यायालय ने कहा कि सिर्फ सिनेमाघरों में ही नहीं बल्कि फिल्म फेस्टिवल में चलाई जाने वाली फिल्मों से पहले भी राष्ट्रगान चलाया जाएगा और यहां भी सबको सम्मान के लिए खड़ा होना होगा...

SC का आदेश, फिल्म फेस्टिवल में 40 फिल्में चलेंगी तो 40 बार खड़ा होना होगा






भारतीय उच्च न्यायालय ने बीते शुक्रवार को राष्ट्रगान से जुड़े मुद्दे पर कुछ और बातें भी स्पष्ट की हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिर्फ सिनेमाघरों में ही नहीं बल्कि फिल्म फेस्टिवल में चलाई जाने वाली फिल्मों से पहले भी राष्ट्रगान चलाया जाएगा और यहां भी सबको सम्मान के लिए खड़ा होना होगा। जस्टिस दीपक मिश्रा और अमिताभ राय की पीठ ने कहा, ''अगर फिल्म फेस्टिवल में 40 फिल्में चलेंगी तो लोगों को 40 बार खड़ा होना होगा.''




 इस वजह से सुनाया गया फैसला







केरल में 9 से 16 दिसंबर के बीच 21वां अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा. इसके आयोजक ने याचिका दायर कर कहा था कि फेस्टिवल में 1500 विदेशी मेहमान आएंगे और 30 नवंबर के फैसले से परेशानी होगी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि फिल्म चलाने से पहले राष्ट्रगान चलाना होगा।

कोर्ट ने इस पर साफ कर दिया कि फिल्म फेस्टीवल को आदेश से बाहर नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने आगे कहा, वहां कुछ विदेशी मेहमान आएगें और उनको परेशानी होगी, तो विदेशियों को खुश करने के लिए क्या हम अपना फैसला बदल दें?







दिव्यांगों को राष्ट्रगान में खड़े होने से छूट


सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में एक और स्पष्टिकरण दिया है। कोर्ट ने कहा कि दिव्यांग लोगों को राष्ट्रगान में खड़े होने की जरूरत नहीं है। उन्हें इस फैसले में छूट दी गई है।

दरवाजे बंद करने का मतलब चिटकनी लगाना नहीं


एक और बात को साफ करते हुए कोर्ट ने कहा कि जब हमने सिनेमाघरों में दरवाजा बंद करने का कहा था, उसका ये मतलब नहीं था कि दरवाजे में चिटकनी लगा दी जाए। ऐसा इसलिए कहा गया था ताकि राष्ट्रगान बजने के दौरान आने-जाने से लोगों को कंट्रोल किया जा सके।अब राष्ट्रगान से जुड़े मामले में अगली सुनवाई 14 फरवरी, 2017 को होगी।