तीस्ता सीतलवाड़ ने एनजीओ के फंड का किया निजी काम में इस्तेमालः गुजरात पुलिस

गुजरात पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट से कहा तिस्ता ने निजी काम में किया दंगा पीड़ितों के फंड का इस्तेमाल...

तीस्ता सीतलवाड़ ने एनजीओ के फंड का किया निजी काम में इस्तेमालः गुजरात पुलिस

सुप्रीम कोर्ट में गुजरात पुलिस ने कहा कि उन्‍हें तीस्‍ता सीतलवाड़ और उनके पति के खिलाफ कुछ और अहम दस्‍तावेज मिले हैं। इस बाबत कोर्ट में दायर किए गए 83 पन्‍नों के शपथ पत्र में एसीपी राहुल बी पटेल ने पूरा ब्‍यौरा दिया है। उन्‍होंने इसमें कहा है कि इन दस्‍तावेजों की जांच की जरूरत है।

पुलिस ने कोर्ट को बताया कि तीस्‍ता की एनजीओ को वर्ष 2007 से लेकर 2014 तक मिले सभी तरह के दान की जांच की जा रही है। इस दौरान उनकी एनजीओ को 9.75 करोड़ रुपए का दान मिला था। इसमें देश और विदेश से मिली दान राशि शामिल है। आरोप है कि इस राशि में से करीब 3.85 करोड़ रुपए का इस्‍तेमाल उन्‍होंने निजी तौर पर किया था।

यह रकम उनकी एनजीओ को राज्‍य में वर्ष 2002 में हुए गुजरात दंगों के दौरान दंगा पीडि़तों को राहत प्रदान करने के नाम पर मिली थी। इस बा‍बत दंगों केे शिकार और गुलबर्गा सोसायटी में रहने वाले दंपत्ति ने उनके खिलाफ मामला दायर किया था। अपनी शिकायत में उन्‍होंने तीस्‍ता पर दंगा पीड़ितों को राहत न पहुंचाने और वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया गया था।

बता दें,  सीतलवाड़ और उनके पति जावेद आनंद की अग्रिम जमानत याचिका गुजरात हाई कोर्ट से खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को दोनों की गिरफ्तारी से रोक लिया, लेकिन दोनों को जांच के लिए जरूरी दस्तावेज पुलिस को सौंपने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट के अलावा दोनों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का भी दरवाजा यह कहते हुए खटखटाया था कि गुजरात पुलिस ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए षडयंत्रकारी अभियान छेड़ रखा है।

पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में सीतलवाड़ के उस दावे को भी गलत ठहराने की कोशिश की है कि बड़े-बड़े वकीलों दंगे से संबंधित ज्यादातर केस की मुफ्त में ही वकालत की। पुलिस ने कहा, 'यह पता चल गया है कि विभिन्न वकीलों को उनकी लीगल फीज के रूप में 71.40 रुपये से ज्यादा पैसे दिए गए।