J&K: पंपाेर में सेना के काफिले पर अातंकी हमला, सेना के तीन जवान शहीद

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के पंपोर में सेना के काफिले पर घात लगाकर आतंकियाें ने हमला किया है। इस घटना में बिहार के मोतिहारी के शशिकांत पांडेय समेत तीन सैनिक शहीद हो गए, जबकि दो घायल हैं।

J&K: पंपाेर में सेना के काफिले पर अातंकी हमला, सेना के तीन जवान शहीद

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के पंपोर में सेना के काफिले पर घात लगाकर आतंकियाें ने हमला किया है। इस  घटना में  बिहार के मोतिहारी के शशिकांत पांडेय समेत तीन सैनिक शहीद हो गए, जबकि दो घायल हैं। हमले के बाद पूरे इलाके में सर्च आॅपरेशन चलाया गया। देर शाम तक आतंकियों का कोई पता नहीं चला। मीडिया रिपाेर्ट्स के मुताबिक हमलावर मोटरसाइकिल पर आए थे। बताया जा रहा है कि इस घटना में हुए शहीद शशिकांत काे जल्द प्रमाेशन मिलने वाला था।


उल्लेखनीय है कि बीते शनिवार दोपहर बाद सेना का काफिला पंपोर के कदलाबल से गुजर रहा था। तभी भीड़ भरे बाजार में घात लगाकर बैठे आतंकियों ने सेना के वाहन पर हमला कर दिया। एके-47 राइफल से चलते वाहन पर फायरिंग की गई। इससे 5 जवान घायल हो गए। सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की। पर आतंकी भाग गए। पांचों घायलों को अस्पताल लाया गया, लेकिन तीन शहीद हो चुके थे।


सेना के काफिले पर हुए आतंकी हमले में शहीद हुए तीन जवानों में एक धनबाद का लाल शशिकांत पांडेय भी शामिल हैं। शशिकांत धनबाद की झरिया स्थित जोड़ापोखर के जेलगोरा डाकघर के समीप रहनेवाले राजेश्वर पांडेय के छोटे बेटे थे। उसकी मौत की खबर पाकर पूरा धनबाद गम और गुस्से में डूब गया। शहीद का परिवार मूलरूप से बिहार के मोतिहारी का रहने वाले हैं। मोतिहारी के गोविंदगंज थाने के बभनौली गांव के शशिकांत पांडेय 2013 में आर्मी में बहाल हुए थे। शहीद का शव रविवार को रांची होते हुए धनबाद के झरिया पहुंचेगा।


 मुठभेड़ के कुछ ही देर बाद शशिकांत की विवाहित बहन रिंकू देवी को फोन पर ये खबर मिली। इसके बाद परिवार समेत पूरे इलाके में मातम छा गया। घर में रिश्तेदारों, पड़ोसियों और आसपास के लोगों को जमा होना शुरू हो गया। खबर फैलती गई और शशिकांत के घर पर भीड़ बढ़ती गई। शशिकांत के दोस्त टिंकू, अमित, संटू, कुंदन, चंदन, सूरज आदि अपने साथी के परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच गए। एक दोस्त सुशील दुबे भारतीय नौसेना में हैं। वह भी शशिकांत के घर पहुंचा। शशिकांत चार दिसंबर को एक शादी समारोह में भाग लेने के लिए धनबाद आया था। चार दिन पहले ही यहां से गया था। शहीद के दोस्त सुशील दुबे नेवी में हैं। उनकी शादी में ही भाग लेने के लिए शशिकांत आया था।