जो सीएम अखिलेश को पसंद नहीं, उन्हें शिवपाल ने दिया टिकट

जो लोग अखिलेश को पसंद नहीं थे शिवपाल यादव ने उन्हे टिकट देकर अखिलेश पर साइलेंट अटैक किया है।

जो सीएम अखिलेश को पसंद नहीं, उन्हें शिवपाल ने दिया टिकट



लखनऊ.सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने जो विधानसभा प्रत्याशियों की लिस्‍ट जारी की है। इस लिस्‍ट पर गौर किया जाए तो इसमें ऐसे नाम शामिल हैं जिन्‍हें सीएम अखिलेश पसंद नहीं करते। चाहे वो अतीक अहमद हों या फिर मुख्तार अंसारी के भाई सिबगतुल्लाह अंसारी हों। इनके अलावा भी इस लिस्‍ट में कई ऐसे नाम हैं जो कि सीएम अखिलेश को नगावार गुजरेंगे। इसके बावजूद शिवपाल ने इन्‍हें टिकट दिया है।


अतीक अहमद को मिला टिकट, लोकसभा चुनाव में अखिलेश ने काटा था टिकट
शिवपाल की प्रत्‍याशियों की लिस्‍ट में माफिया अतीक अहमद का नाम भी शामिल है। अतीक को कानपुर कैंट से टिकट दिया गया है।
इसके पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में सीएम अखिलेश ने सुल्तानपुर से अतीक का टिकट काट दिया था।

अतीक अहमद के नाम मर्डर, डकैती, धमकाने जैसे केस दर्ज हैं। इसके साथ ही अतीक पर रेलवे के टेंडर घोटाले में हत्या समेत दर्जनों केस दर्ज हैं।

 मुख्तार के भाई को मिला टिकट, सीएम अखिलेश थे विरोध में
सीएम अखिलेश यादव के विरोध के बावजूद कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय किया गया था। इसके बाद अब मुख्तार अंसारी के भाई सिबगतुल्लाह अंसारी को गाजीपुर से प्रत्याशी बनाया है।
जबकि सीएम अखिलेश यादव कई बार कौमी एकता दल को लेकर साफ कर चुके थे कि सपा के साथ इसका कोई समझौता नहीं होगा।
इसके पहले गाजीपुर रैली में मुलायम के साथ मंच पर अफजाल अंसारी समेत कौमी एकता दल के सभी लोग मौजूद रहे।
इसी वजह से सीएम अखिलेश ने गाजीपुर रैली से दूरी बनाए रखी थी।


बर्खास्त मंत्री राजकिशोर सिंह के भाई डिंपल को टिकट, सीएम ने काटा था एमएलसी टिकट
सपा से बर्खास्त मंत्री राजकिशोर सिंह के भाई बृजकिशोर सिंह उर्फ डिम्पल सिंह को रूदौली से टिकट दिया गया है।
इसके पहले सीएम अखिलेश यादव ने मंत्री राजकिशोर सिंह को मंत्री पद से बर्खास्त किया था।
वहीं, एमएलसी चुनाव के दौरान उनके भाई डिंपल सिंह का टिकट काटकर संतोष यादव को टिकट दिया था।


सीएम अखिलेश के करीबी बृजेश यादव की जगह गेंदा यादव को दिया टिकट
सीएम अखिलेश यादव के बेहद करीबी बृजेश यादव को बरहज विधानसभा से टिकट न देकर पूर्व विधायक गेंदा यादव को बरहज विधानसभा से प्रत्याशी बनाया गया है।
इससे पहले सपा के प्रदेश अध्यक्ष बनते ही शिवपाल ने सबसे पहले बृजेश यादव को बर्खास्त किया था।
युवजन सभा के पूर्व अध्यक्ष बृजेश यादव इससे पहले 2012 के विधानसभा चुनावों में भी टिकट मांग रहे थे, लेकिन उन्‍हें टिकट नहीं मिला था।

 बीएसपी के प्रत्याशी सपा से लडेंगे चुनाव
शिवपाल यादव के द्वारा शनिवार को की गई प्रत्याशियों की घोषणा में सबसे चौकाने वाला नाम बसपा के सचिव नसीमुद्दीन सिद्दकी के भाई हसनुद्दीन सिद्दीकी का रहा। उन्‍हें बांदा से टिकट दिया गया है।
ऐसी चर्चा है कि अखिलेश हसनुद्दीन के पार्टी में आने को लेकर खिलाफ रहे हैं। इसके बावजूद भी शिवपाल ने उन्‍हें टिकट दिया।