साेनिया गांधी का आज जन्मदिन, पीएम माेदी ने दी बधाई

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का आज 9 दिसंबर जन्मदिन है। इस मौके पर बधाई देते हुए पीएम माेदी ने उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की कामना की...

साेनिया गांधी का आज जन्मदिन, पीएम माेदी ने दी बधाई

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का आज जन्मदिन है। इस खास मौके पर बधाई देते हुए पीएम माेदी ने उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की कामना की। पीएम मोदी ने शुक्रवार (नौ दिसंबर) को ट्वीट किया, “श्रीमती सोनिया गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं। ईश्वर उन्हें अच्छी सेहत और लंबी उम्र प्रदान करें।” सोनिया गांधी का जन्म नौ दिसंबर 1946 को इटली के लुसियाना में हुआ था। शुक्रवार को सोनिया 70 साल की हो गईं। भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र राजीव गांधी से विवाह करने के बाद वो भारत आ गईं।

प्रधानमंत्री मोदी के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं अन्य कांग्रेसी नेताओं ने भी सोनिया को उनके जन्मदिन पर बधाई दी। जन्मदिन पर सभी प्रमुख कांग्रेस के नेता सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर पहुंचे। सोनिया की एक साल में कई बार तबीयत खराब हुई है। अभी हाल ही में सेहत न सही होने की वजह से उन्होंने कांग्रेस संसदीय दल की बैठक की अध्यक्षता नहीं की। उनकी गैर-मौजूदगी में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पहली बार कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्षता की।

सोनिया और राजीव की मुलाकात पहली बार ब्रिटेन में हुई थी। राजीव उस समय इंजीनियरिंग के छात्र थे जबकि सोनिया भाषा में सर्टिफिकेट कोर्स कर रही थीं।  राजीव से वो वहीं मिलीं आैर वह दोनों ने साल 1968 में शादी कर ली। राजीव गांधी की 1991 में हत्या के बाद सोनिया ने 1997 में कांग्रेस की राजनीति में कदम रखा। 1998 में पार्टी की अध्यक्ष बनीं। तब से सोनिया ही पार्टी अध्यक्ष हैं। सोनिया गांधी कांग्रेस के 125 साल के इतिहास में सबसे लंबे समय तक पार्टी अध्यक्ष रही हैं। संयुक्त प्रगतिशील गंठबंधन (यूपीए) की साल 2004 से चेयरपर्सन हैं। उनके नेतृत्व में कांग्रेस गठबंधन ने 2004 और 2009 के लोक सभा चुनाव में जीत हासिल की। हालांकि 2014 के लोक सभा चुनाव में उनकी पार्टी को 44 सीटों पर संतोष करना पड़ा।

भारतीय राजनीति में पिछले डेढ़ दशकों से अधिक समय से अहम भूमिका निभाने वाली सोनिया पहली बार तब विवादों में आईं जब उनकी पार्टी के कुछ नेताओं समेत कई विपक्षी दलों ने उनके विदेशी मूल का मुद्दा उठाते हुए उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं पर सवाल खड़ा कर दिया था। साल 2004 में जब कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनी तो सोनिया ने प्रधानमंत्री न बनने का फैसला किया।