संसद हमले की 15वीं बरसी आज, PM समेत कई नेताओं ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

भारतीय संसद पर आतंकी हमले की आज 15वीं बरसी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 13 दिसंबर 2001 को लश्कर ए तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए पांच हथियार बंद आतंकियों ने भारतीय संसद पर हमला किया था।

संसद हमले की 15वीं बरसी आज, PM समेत कई नेताओं ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

भारतीय संसद पर आतंकी हमले की आज 15वीं बरसी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने इस मौके पर हमले में शहीद लोगों को संसद भवन के बाहर श्रद्धांजलि दी, पीएम और उपराष्ट्रपति के साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, अरूण जेटली, गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 13 दिसंबर 2001 को लश्कर ए तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए पांच हथियार बंद आतंकियों ने भारतीय संसद पर हमला किया था। इस आतंकी हमले में एक नागरिक समेत 12 लोगों की मौत हो गई थी।

गौरतलब है कि 13 दिसबंर 2001 को विपक्ष के हंगामें की वजह से दोनों सदनों की कार्यवाही के स्थगित हो जाने के करीब 40 मिनट बाद संसद परिसर में आतंकी हमला हुआ था। बता दें कि तब तक तत्कालीन पीएमअटल बिहारी बाजपेयी और नेता प्रतिपक्ष सोनिया गांधी संसद परिसर से जा चुके थे लेकिन गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी समेत करीब 100 सांसद ससद के अंदर मौजूद थे। इस आतंकी में सभी सांसद और केंद्रीय मंत्री हमले के बाद पूरी तरह से सुरक्षित रहे थे

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आतंकियों की कार गलती से तत्कालीन उपराष्ट्रपति कृष्णकांत के काफिले से जा टकराई थी, जिसके बाद गाड़ी में बैठे पांचों आतंकी बाहर निकलने के साथ ही अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर देते हैं। पांचों आतंकवादी एके-47 से लैस थे और उनके पीठ पर एक-एक बैग था।

इस आतंकी हमले में पांच पुलिसकर्मी, एक संसद का सुरक्षागार्ड और एक माली की मौत हो जाती है जबकि 22 अन्य लोग घायल हो गए थे। वहीं दिल्ली पुलिस के मुताबिक हमजा, हैदर ऊर्फ तुफैल, राणा, रणविजय और मोहम्मद नामक पांच आतंकी सुरक्षा जवानों द्वारा मौत के घाट उतार दिए गए थे।