ट्राई: कॉल ड्रॉप सेवा पर आकलन करने के लिए परीक्षण अभियान चलाएगा

रतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) कॉल ड्रॉप तथा नेटवर्क से जुड़े दूसरे मुद्दों का आकलन करने के लिए परीक्षण अभियान चलाएगा।

ट्राई: कॉल ड्रॉप सेवा पर आकलन करने के लिए परीक्षण अभियान चलाएगा

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) कॉल ड्रॉप तथा नेटवर्क से जुड़े दूसरे मुद्दों का आकलन करने के लिए परीक्षण अभियान चलाएगा। इस अभियान के तहत नई कंपनी रिलायंस जियो सहित सभी ऑपरेटरों के नेटवर्क पर नजर  होगा। ट्राई के चेयरमैन आर एस शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “परीक्षण अभियान अगले महीने शुरू होगा। यह चौथी तिमाही यानी दिसंबर में होना चाहिए था। एजेंसी के साथ कुछ मुद्दों की वजह से इसमें देरी हुई है। उन मुद्दों को सुलझाया जा रहा है। निश्चित रूप से परीक्षण जनवरी में होगा।”

पिछली बार यह परीक्षण अभियान 12 शहरों में चलाया गया था। इस मामले पर  शर्मा ने कहा कि इस बार भी यह कम से कम 12 शहरों में होगा। उन्होंने कहा, “कुछ अतिरिक्त क्षेत्र इसमें शामिल हो सकते हैं। मसलन कुछ राजमार्ग। पहली बार परीक्षण में राजमार्गों को शामिल किया जा रहा है।” यह पूछे जाने पर कि क्या नई ऑपरेटर रिलायंस जियो इस परीक्षण अभियान में शामिल रहेगी, शर्मा ने कहा, निश्चित रूप से। इससे पहले अगस्त सितंबर में अमृतसर में तथा मई-जून में दिल्ली, हैदराबाद, भोपाल, चंडीगढ़, मुंबई, लखनऊ, कानपुर, अहमदाबाद, रांची, दार्जिलिंग, सिक्किम तथा त्रिवेंद्रम में चलाया गया था।

पिछले कुछ महीनों में टेलिकॉम रेग्यूलेटर और टेलिकॉम विभाग दोनों ने ही कॉल ड्रॉप और कॉल फेल होने जैसे सर्विस क्वालिटी के मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाया है। अक्टूबर में रिलायंस जियो को पर्याप्त प्वाइंट ऑफ इंटरकनेक्ट उपलब्ध न करवाने के कारण ट्राई ने टेलिकॉम विभाग से सिफारिश की थी कि भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया जैसी दिग्गज टेलिकॉम कंपनियों पर जुर्माना लगाया जाए। ट्राई ने एयरटेल और वोडाफोन पर 1,050 करोड़ व आइडिया पर 950 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था।