अमेरिका: ट्रंप का ओबामा पर आराेप कहा, सत्ता बदलाव में रोड़े अटका रहे हैं

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आेबामा पर आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा सत्ता हस्तांतरण के काम में रोड़े अटका रहे हैं

अमेरिका: ट्रंप का ओबामा पर आराेप कहा, सत्ता बदलाव में रोड़े अटका रहे हैं

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आेबामा पर आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा सत्ता हस्तांतरण के काम में रोड़े अटका रहे हैं। ट्रम्प 20 जनवरी को अमेरिका के नए राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालेंगे। फिलहाल उनकी ट्रांजिशन टीम ओबामा प्रशासन से सत्ता संभालने के तौर तरीकों पर विचार कर रही है। ट्रम्प ने अपने आरोपों का विस्तार से खुलासा नहीं किया है।

ओबामा ने कुछ दिन पहले कहा था कि अगर वे तीसरी बार चुनाव लड़ते तो जीत जाते और ट्रंप को सत्ता में आने का मौका ही नहीं मिलता। माना जा रहा है कि ओबामा प्रशासन ने इस महीने अचानक अमेरिकी विदेश नीति में बदलाव कर ट्रंप के लिए मुसीबत खड़ी करने की कोशिश की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इजरायल के निंदा प्रस्ताव पर अमेरिका ने गैर हाजिर रह कर प्रस्ताव को पारित होने दिया। पहली बार अमेरिका ने अपने पुराने साथी इजरायल का अंतरराष्ट्रीय मंच पर साथ नहीं दिया।

ट्रंप ने अतंरराष्ट्रीय मीडिया के पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्होंने ओबामा से फोन पर बात की है। ‘वे अभी हवाई की यात्रा पर हैं, उन्होंने मुझे फोन किया था।’ यह पूछने पर कि क्या रोड़े अटकाने के मामले पर बात हुई, ट्रंप ने कहा, हमने सामान्य बातचीत की। बहुत अच्छी बात हुई, उन्होंने फोन किया अच्छा लगा।’

इस बीच, सत्ता से बाहर हो रहा ओबामा प्रशासन रूस पर और कई प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों की मेल हैक किए जाने के आरोपों के मद्देनजर ऐसा किया जा रहा है। अतंरराष्ट्रीय मीडिया के सूत्रों के हवाले से कहा है कि नए प्रतिबंध रूसी गुप्तचर एजेंसी और वहां के कुछ अफसरों पर लगाए जा सकते हैं। यह एजेंसी और अफसर सीधे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अधीन हैं। चुनाव के दौरान कहा जा रहा था कि पुतिन ट्रंप को जिताने के लिए चुनाव को प्रभावित कर रहे हैं। सीबीएस के मुताबिक रूस पर प्रतिबंध इस तरह लगाए जाएंगे कि आने वाला ट्रंप प्रशासन उन्हें पलट सके। ट्रंप अभी तक सायबर हैकिंग में रूस का हाथ होने से इनकार करते रहे हैं। उधर क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा है कि अमेरिकी आरोप बेबुनियाद हैं।

भावी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर संयुक्त राष्ट्र की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनका कारण बनता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र के इजरायल द्वारा यरुशलम में बस्तियां बसाने की निंदा करने के बाद ट्रंप ने दूसरी बार उसकी आलोचना की है। ट्रंप ने फ्लोरिडा में लोगों से पूछा, ‘आपने संयुक्त राष्ट्र को समस्याएं हल करते कब देखा? वे समस्याएं हल नहीं करते बल्कि उन्हें पैदा करते हैं।’उनसे पूछा गया था कि क्या उनके सत्ता में आने के बाद अमेरिका संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता छोड़ देगा।

उन्होंने कहा कि अगर वह अपनी क्षमता से अच्छा काम करता है तो ठीक है वरना वह समय और धन की बर्बादी है। एक दिन पहले उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र गप्प लड़ाने और टाइम पास करने की जगह बन चुका है।