उद्धव ठाकरे का पीएम माेदी पर हमला कहा- "नोटबंदी के बाद 1978 में कौन सी बेहतर थी इकॉनमी"

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने नोटबंदी को लेकर दिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर निशाना साधा है। उद्धव ठाकरे ने पीएम को निशाने पर रखते हुए पूछा है कि यदि 1971 में नोटबंदी की सलाह न मानने के चलते अर्थव्यवस्था में गिरावट आई थी, तो इसके बाद मोरारजी देसाई की सरकार द्वारा 1978 में इसे लागू करने के बाद ही कौन सी अर्थव्यवस्था बेहतर हो गई थी

उद्धव ठाकरे का पीएम माेदी पर हमला कहा- "नोटबंदी के बाद 1978 में कौन सी बेहतर थी इकॉनमी"

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने  नोटबंदी को लेकर दिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर निशाना साधा है। केंद्र की भाजपा सरकार की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने आलाेचना करना शुरू कर दिया है।  उद्धव ठाकरे ने पीएम को निशाने पर रखते हुए पूछा है कि यदि 1971 में नोटबंदी की सलाह न मानने के चलते अर्थव्यवस्था में गिरावट आई थी, तो इसके बाद मोरारजी देसाई की सरकार द्वारा 1978 में इसे लागू करने के बाद ही कौन सी अर्थव्यवस्था बेहतर हो गई थी। नोटबंदी का मूल उद्देश्य पूरा नहीं हुआ क्योंकि लोग बैंक की कतारों में मर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों का हमला अब भी जारी है।

इंदिरा गांधी के नोटबंदी को लागू न किए जाने पर पीएम मोदी के बयान पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि 1978 में मोरारजी देसाई ने नोटबंदी का फैसला लिया था लेकिन उसके बावजूद तब इकॉनमी बेहतर क्यों नहीं हुई थी? प्रमुख ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने हाल में कहा था कि इंदिरा गांधी ने 1971 में नोटबंदी के फैसले को लागू नहीं किया क्योंकि उनमें इस फैसले को लागू करने की हिम्मत नहीं थी।

एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बातें कहीं। उन्होंने यह बातें पीएम मोदी के उस बयान के जवाब में कहीं थीं जिसमें उन्होंने यूपी की एक रैली में कहा था कि 1971 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी नोटबंदी की सलाह दी गई थी, लेकिन इच्छा शक्ति न होने के चलते उन्होंने इसको नजरअंदाज करते हुए लागू नहीं किया था। केंद्र की सहयोगी शिवसेना नोटबंदी के साथ-साथ कई मुद्दों पर सरकार को घेरती आई है। इससे पहले नोटबंदी से लोगों को हो रही परेशानियों पर भी शिवेसना ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया था।

उद्ध ठाकरे ने कहा कि नोटबंदी की घोषणा करते हुए बीजेपी ने कहा था कि इससे आतंकवादी हमले खत्म हो जाएंगे लेकिन क्या यह हुआ? हमारे जवान पहले की तरह शहीद हो रहे हैं। आम आदमी को होने वाली कठिनाइयों को लेकर केंद्र सरकार पर प्रहार करते हुए शिवसेना प्रमुख ने इस फैसले के उद्देश्य पर भी सवाल उठाए।