सीरिया पर यूएन में मतदान, भारत ने नहीं लिया भाग

सीरिया में यूद्ध विराम काे लेकर यूएन में मतदान, इस प्रस्ताव के पक्ष में 122 और इसके खिलाफ 13 मत पड़े मतदान के दौरान 36 देश अनुपस्थित रहे।

सीरिया पर यूएन में मतदान, भारत ने नहीं लिया भाग

तत्काल युद्ध विराम की घोषणा और लड़ाई से बुरी तरह प्रभावित सीरिया को तत्काल सहायता दिये जाने की मांग संबंधी प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में मतदान के दौरान भारत और 35 अन्य देश अनुपस्थित रहे। कनाडा की अगुवाई में लाये गये प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव के पक्ष में 122 और इसके खिलाफ 13 मत पड़े। वहीं बीते शनिवार (9 दिसंबर) को हुए मतदान के दौरान 36 देश अनुपस्थित रहे। प्रस्ताव में सीरिया और खास कर अलेप्पो में हिंसा में वृद्धि को लेकर ‘गुस्से’ का इजहार किया गया था।

भारतीय राजनयिक सूत्रों ने मीडिया काे बताया कि भारत अपने परंपरागत दृष्टिकोण के कारण मतदान से अनुपस्थित रहा। उनके अनुसार भारत मानवीय मुद्दों का राजनैतिक मुद्दों के साथ घालमेल नहीं करता है। सूत्रों के मुताबिक प्रस्ताव में बहुत से मानवीय और राजनैतिक मुद्दों को एक साथ रखा गया था, जो ‘विवादास्पद’ हैं। चीन, रूस, ईरान और सीरिया ने महासभा के प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया वहीं बांग्लादेश, इराक, लेबनान, म्यांमार, पाकिस्तान और नेपाल ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।