UP: छेड़छाड़ की पीड़िता अनशन पर, बीजेपी ने भेजी जांच कमेटी

मैनपुरी में महिला की पिटाई के मामले में पीड़ित महिला अनशन पर बैठी, बीजेपी ने जांच कमेटी भेजी।

UP: छेड़छाड़ की पीड़िता अनशन पर, बीजेपी ने भेजी जांच कमेटी

मैनपुरी के थाना किशनी क्षेत्र में महिला की पिटाई के मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने आत्महत्या करने की चेतावनी दी है। 21 दिसंबर से पीड़िता अनशन पर बैठी है। वहीं मामले में बीजेपी ने सपा सरकार के खिलाफ हमलावर रुख अख्तियार कर लिया है।

बीजेपी ने घटना की जांच के लिए प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष स्वाति सिंह के नेतृत्व में छह सदस्यीय जांच कमेटी नियुक्त की है। यह कमेटी गुरुवार को मैनपुरी पहुंच रही है। कमेटी इस मामले की जांच करेगी और प्रदेश अध्यक्ष को रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं, घटना को लेकर एसपी सुनील कुमार सक्सेना ने एसओ किशनी को लाइन हाजिर कर दिया है।

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सांसद केशव प्रसाद मौर्या ने मैनपुरी में महिला के साथ छेड़छाड़ और निर्दयता व निर्लज्जता पूर्वक लाठी डंडों से गुंडों द्वारा उसे बुरी तरह पीटे जाने की घटना की घोर भर्त्सना की है। उन्होंने इसके लिए अखिलेश सरकार की ध्वस्त कानून व्यवस्था को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार प्रदेश की महिलाओं को सुरक्षा देने में पूरी तरह फेल साबित हुई है।

जांच कमेटी में स्वाति सिंह के अलावा बाराबंकी से सांसद प्रियंका रावत, बहराइच से सांसद सावित्री बाई फुले, धौरहरा से सांसद रेखा वर्मा, मिश्रिख से सांसद अंजू बाला और लालगंज से सांसद नीलम सोनकर भी शामिल हैं। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद पार्टी इस घटना के विरुद्ध आगे की कार्रवाई तय करेगी।

किशनी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला पति और बच्चों के साथ बीते सोमवार को कहीं जा रही थी। किशनी बाईपास पर वह खड़ी थी, तभी उसका वहां मौजूद आनंद यादव नाम के शख्स से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद के दौरान आनंद और उसके दो अन्य सहयोगियों ने महिला को लाठी से पीटकर लहूलुहान कर दिया।

महिला के काफी विरोध करने के बाद पुलिस ने आनंद को गिरफ्तार कर शांतिभंग की धारा में चालान कर दिया, जिस कारण आरोपी को कुछ ही देर में जमानत मिल गई। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर मामले में ढिलाई बरतने के आरोप लगाया और पुलिस की इस ढिलाई के विरोध में पीड़िता ने न्याय न मिलने पर आत्महत्या करने की चेतावनी दी थी।

पीड़िता का कहना है कि पुलिस ने छेड़खानी और जानलेवा हमले की धाराओं में मामला दर्ज न कर आरोपियों के विरुद्ध शांतिभंग की कार्रवाई की है, जबकि हमले में वह गंभीर रूप से घायल हुई, उसके पति को भी काफी चोटें आई हैं।