यूपी: अखिलेश-रामगोपाल का निष्कासन रद्द

समाजवादी पार्टी में लगातार मचे घमासान के बीच हर रोज़ नया मोड़ आ रहा है। सीएम अखिलेश और रामगोपाल को पार्टी से निष्कासित किए जाने का फैसला आज सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने रद्द कर दिया है।

यूपी: अखिलेश-रामगोपाल का निष्कासन रद्द

समाजवादी पार्टी में लगातार मचे घमासान के बीच हर रोज़ नया मोड़ आ रहा है। सीएम अखिलेश और रामगोपाल को पार्टी से निष्कासित किए जाने का फैसला आज सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने रद्द कर दिया है। ज्ञात हो कि शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अनुशासनहीनता को लेकर कार्रवाई करते हुए अपने बेटे और राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और भाई रामगोपाल यादव को पार्टी से निकाल दिया था।

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उल्लेखनीय है कि समाजवादी पार्टी के अस्तित्व में आने के बाद मुलायम सिंह के सपा परिवार में अब तक का सबसे बड़ा घमासान देखने काे मिल रहा हैं। जिसमें मुलायम सिंह लिटम्स टेस्ट में पिछड़ते नजर आ रहे हैं। शनिवार को नेताजी ने आधिकारिक रूप से घोषित किए गए 393 कैंडिडेट्स की मीटिंग बुलाई लेकिन उनके यहां सिर्फ 15 विधायक पहुंचे। वहीं, अखिलेश के घर हुई मीटिंग में 198 एमएलए शामिल हुए। साफ है कि अखिलेश का पलड़ा भारी है। 403 सीटों वाली यूपी विधानसभा में सपा के 224 विधायक हैं। बता दें कि बीते शुक्रवार को मुलायम ने अखिलेश और रामगोपाल यादव को 6 साल से लिए पार्टी से निकाल दिया था। सपा पार्लियामेंट बोर्ड की मीटिंग भी बुला सकते हैं मुलायम।

इस मामले काे लेकर लालू ने मुलायम से कहा- सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए एकजुट रहने की जरूरत है। वहीं आजम खान, मुलायम सिंह के घर पहुंचे। सपा ऑफिस में शिवपाल यादव, अशोक बाजपेई, रामपाल, अतीक अहमद, सुरेंद्र सिंह पटेल, पारसनाथ यादव, राजकिशोर सिंह, नारद राय, अंबिका चौधरी, अब्दुल हन्नान और कमाल यूसुफ पहुंच हैं।  सपा ऑफिस में होने वाली मीटिंग के लिए अभी तक 15 विधायक पहुंचे हैं।

बताया जा रहा है कि इस मीटिंग के दाैरान किसी भी विधायक को मीटिंग मोबाइल फोन ले जाने की इजाजत नहीं। मीटिंग थोड़ी देर में शुरू हो सकती है। अखिलेश यादव की मीटिंग में 70 विधायक पहुंच चुके हैं।  मुख्‍यमंत्री आवास 5केडी पर वि‍धायक पहुंचने लगे हैं। पार्टी वर्कर्स का बाहर जमावड़ा लगा है। वहीं, सिक्युरिटी बढ़ा दी गई है। सीएम आवास में एमएलसी रमेश दुबे,चंद्रा रावत,अभय नारायण पटेल,श्याम बहादुर, सुनील सिंह मौजूद। साजन ने कहा है कि‍ जो लोग सीएम आवास 5 केडी पहुंच रहे हैं वो अखिलेश समर्थक हैं। अखिलेश समर्थक मुलायम की बैठक मे नहीं जाएंगे।

सपा में टूट के बाद उपजे हालात में कांग्रेस अखिलेश के समर्थन में खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस ने पहली प्रतिक्रिया में कहा- 'यूपी में अस्थिरता लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि अगर विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होता है तो उसके विधायक अखिलेश के समर्थन में वोट देंगे।' अखिलेश यादव भी खुले मंच पर कांग्रेस से गठबंधन की बात करते रहे हैं। वे यहां तक कहते रहे कि अगर कांग्रेस से गठबंधन हुआ तो हम 300 से ज्यादा सीटें जीतेंगे।

हाल के दिनों में अखिलेश, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और यूपी में कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ कई मैराथन बैठक कर चुके हैं। प्रदेश में हाशिए पर बैठी कांग्रेस को लग रहा है कि अखिलेश की साफ सुथरी इमेज के दम पर यूपी चुनाव में वह अपनी खोई जमीन वापस पा सकती है। अखिलेश के पास पार्टी बनाने का समय नहीं है। ऐसे में वह समाजवादी जनता पार्टी (सजपा) के सिंबल पर चुनाव लड़ सकते हैं।