संसद में पंश्चिम बंगाल सेना की तैनाती पर हंगामा, पर्रिकर ने कहा- रुटीन अभ्यास

पश्चिम बंगाल में सेनी की तैनाती का मुद्दा लोकसभा में टीएमसी सांसदों ने जोर-शोर से उठाया। जिसका जवाब देते हुए केंद्रीय रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि सेना को राजनीति में घसीटना गलत है, यह एक रुटीन अभ्यास है इसको मुद्दा बनाना गलत है।

संसद में पंश्चिम बंगाल सेना की तैनाती पर हंगामा, पर्रिकर ने कहा-  रुटीन अभ्यास

पश्चिम बंगाल में सेनी की तैनाती का मुद्दा लोकसभा में टीएमसी सांसदों ने जोर-शोर से उठाया। जिसका जवाब देते हुए केंद्रीय रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि सेना को राजनीति में घसीटना गलत है, यह एक रुटीन अभ्यास है इसको मुद्दा बनाना गलत है।

उन्होंने कहा कि यह अभ्यास पुलिस बल के साथ मिलकर किया गया है, ऐसा ही अभ्यास 19, 21 नवंबर 2015 को भी हुआ था। पर्रिकर ने कहा कि ममता के सेना पर लगाए गए इन आरोपों से दुख हुआ है। यह मुद्दा राजनीतिक हताशा के कारण उठाया गया है।

वहीं सेना के मेजर जनरल सुनील यादव ने आरोपों को नकारते हुए कहा है कि ममता बनर्जी के आरोप आधारहीन है, यह एक रुटीन अभ्यास है पिछले साल भी हमनें यहां ऐसा ही अभ्यास किया था।

बीएसपी प्रमुख मायावती ने कहा कि बंगाल की सीएम ममता के साथ ज्यादती हो रही है। ये संविधान पर बहुत बड़ा हमला है। वहीं इस मामले पर वेंकैया नायडू ने कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है, क्योंकि यह सेना से जुड़ा है। हमें महत्वपूर्ण मुद्दों को पटरी से नहीं उतारना चाहिए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह अलग तरह का मामला दिखता है। सेना टोल एकत्र नहीं करती है। पश्चिम बंगाल में सेना को तैनात करने को लेकर कोई कानून-व्यवस्था नहीं है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने गुरुवार को सचिवालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दनकुनी और पलसित के दो टोल प्लाजा पर सेना की तैनाती पर चिंता जताई थी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को कोई भी सूचना दिए बगैर इस तरह सेना को तैनात किया जाना एक गंभीर मामला है। ममता बनर्जी ने इसे आपातकाल और सैन्य तख्तापलट बताया है।

ममता बनर्जी ने कहा कि जब देश में आपातकाल लगाया जाता है तो केंद्र सरकार राज्यों की कानून-व्यवस्था को अपने हाथ में ले लेता है। राष्ट्रपति आपातकाल की घोषणा करते हैं लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है।