उत्तर प्रदेश में ठंड का कहर, 9 लाेगाें की मौत, रेल आैर हवाई यातायात प्रभावित

उत्तर प्रदेश में सर्दी के अचानक बढ़ने से प्रदेश के लाेग काफी प्रभावित हुए है। मंगलवार को ज्यादातर हिस्सों में लोग कड़ाके की सर्दी और कोहरे की चपेट में रहे। बताया जा रहा है कि सर्दी बढ़ने के कारण मंगलवार को अगल-अलग स्थानों पर नौ लोगों की जान चली गई।

उत्तर प्रदेश में ठंड का कहर, 9 लाेगाें की मौत, रेल आैर हवाई यातायात प्रभावित

सर्दी के अचानक बढ़ने से पूरे उत्तर भारत के लाेगाें काे काफी मुशकिलों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में लोग कड़ाके की सर्दी और कोहरे की चपेट में रहे। बताया जा रहा है कि सर्दी  बढ़ने के कारण मंगलवार को अगल-अलग स्थानों पर नौ लोगों की जान चली गई।

ट्रेन में दम तोड़ा

दिल्ली-फैजाबाद एक्सप्रेस के जनरल कोच में सफर कर रहे बाराबंकी के दरियाबाद निवासी देवीशरण (40) की ठंड लगने से मौत हो गई। मृतक के भाई से इसकी सूचना मिलने पर जीआरपी और आरपीएफ ने लखनऊ स्टेशन पर शव उतारा। पीलीभीत की बीसलपुर तहसील में मंगली प्रसाद (60) की भी सर्दी लगने से मौत हो गई।

कानपुर मंडल में ज्यादा मौतें

कानपुर में सर्दी के कारण ब्रेन स्ट्रॉक के बाद दो महिलाओं ने दम तोड़ दिया। सर्दी लगने से महोबा रेलवे स्टेशन पर एक कर्मचारी की मौत हो गई। इटावा के बसरेहर और इकदिल में सर्दी से दो लोग मर गए। कन्नौज के तिर्वा में किसान व उन्नाव में एक किशोर की सर्दी लगने से जान गई।

कोहरे से ट्रेनें घंटों लेट

कोहरे की वजह से मंगलवार को रेल व हवाई यातायात खासा प्रभावित रहा। वाराणसी से जोधपुर जाने वाली मरुधर एक्सप्रेस बुधवार को और चेन्नई एक्सप्रेस गुरुवार को निरस्त रहेगी। कोहरे के कारण 70 से ज्यादा ट्रेनें लेट चल रही हैं। मंगलवार को अमौसी एयरपोर्ट से जाने वाली चार उड़ानें निरस्त कर दी गईं। अधिकतम तापमान सामान्य से नौ डिग्री नीचे आया, रात के साथ दिन में भी परेशान कर रही है ठंड।

कड़ाके की सर्दी से सूरज भी सिहरा 

सर्दी अभी से कहर बरपाने लगी है। मंगलवार को सुबह से ही शहर कोहरे के आगोश में जकड़ा रहा। दोपहर में भी सूरज के दर्शन नहीं हो सके। जैसे ही दिन ढलना शुरू हुआ, ठंडी हवाओं चलने लगीं और शाम होते-होते फिर भीषण ठंड होने लगी।

रात के साथ अब दिन में भी ठंड परेशान करने लगी है। बदली के साथ बफीर्ली हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। दिन का पारा तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। चौबीस घण्टे के भीतर ही अधिकतम तापमान करीब तीन डिग्री गिरकर 17.3 डिग्री तक पहुंच गया। जो सामान्य से नौ डिग्री कम रहा। सुबह से ही ठंडी हवाएं परेशान करने लगी। दिन में धूप के दर्शन भी नहीं हुए। पूरे दिन लोग ठिठुरने को मजबूर रहे। लोग खुद को पूरी तरह से गर्म कपड़ों से ढ़ककर ही निकले।

कई जगह पर लोग लकड़ी जलाकर ठंड से बचने की जुगत में लगे रहे। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता के मुताबिक कोहरे के साथ ठंड का असर और बढ़ेगा। अधिकतम तापमान 17.3 डिग्री दर्ज किया गया और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री रहा।

कोहरा बढ़ने से रेल यात्रियों की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। रेलवे ने वाराणासी से जोधपुर जाने वाली मरुधर एक्सप्रेस बुधवार को निरस्त कर दी है जबकि लखनऊ चेन्नई एक्सप्रेस गुरुवार को निरस्त रहेगी। वहीं, कोहरे से वीआईपी ट्रेनों का संचालन भी पटरी से  उतर गया है। लखनऊ मेल से लेकर शताब्दी एक्सप्रेस तक कई घंटे देरी से पहुंची। सुबह 10.30 बजे आने वाली चंडीगढ़ एक्सप्रेस देर रात लखनऊ पहुंची है।

कोहरा बढ़ने के साथ रेल यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली से सहरसा जाने वाली पूरबिया एक्सप्रेस 18 घंटे देरी से लखनऊ पहुंची। नई दिल्ली से पुरी जाने वाली नीलांचल एक्सप्रेस 16 घंटे, पंजाब मेल 6 घंटे, कोलकता एक्सप्रेस 5 घंटे, अवध आसाम 6 घंटे, चंडीगढ़ एक्सप्रेस 12 घंटे, पटना कोटा एक्सप्रेस 11 घंटे, अर्चना एक्सप्रेस 11 घंटे, सुलतानपुर एलटीटी 12 घंटे देरी से चल रही है। वहीं, शताब्दी एक्सप्रेस 4 घंटे और लखनऊ मेल व एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस करीब 3 घंटे देरी से लखनऊ पहुंची। वहीं शताब्दी एक्सप्रेस शाम 6 बजे रवाना की गई।

स्टेशन पर भीड़ बढ़ी: ट्रेन लेट होने से स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ती जा रही है। पंजाब मेल एक्सप्रेस से अम्बाला जाने वाले विवेक कुमार ने बताया कि ऑनलाइन ट्रेन दो घंटे लेट बता रही थी। यहां पर आकर पता चला कि ट्रेन 5 घंटे लेट चल रही है। ठंड और कोहरे में यात्री स्टेशन पर ट्रेनों का इंतजार करने पर मजबूर हैं।

कासं लखनऊ-कानपुर रेलमार्ग पर गंगापुल पर मरम्मत कार्य से निरस्त चल रही ट्रेनों को रेलवे ने फिर से बहाल कर दिया है। सीनियर डीसीएम शिवेन्द्र शुक्ला ने बताया कि अब सभी ट्रेनें अपने निर्धारित रूट से चलेंगी। गंगापुल मरम्मत कार्य के लिए मेगा ब्लाक उत्तर रेलवे अब तक का सबसे बड़ा ब्लाक था। रेलवे ने गोमती एक्सप्रेस, लखनऊ मद्रास एक्सप्रेस, पुणे गोरखपुर समेत 20 ट्रेनों को निरस्त कर दिया था जबकि कुशीनगर एक्सप्रेस, बरौनी ग्वालियर एक्सप्रेस समेत 38 ट्रेनों के रूट डायवर्ट किए गए थे। इसके अलावा लखनऊ कानपुर के बीच चलने वाली एक दर्जन मेमू को उन्नाव तक ही चलाया गया था। रेलवे ने 1925 में बने रेलवे ब्रिज की स्टील की प्लेटों को बदलने के साथ इतने कम दिनों में मानकनगर से गंगापुल तक सिग्र्नंलग, ट्रैक मरम्मत प्वाइंट और ब्लास्ट बिछाने का काम किया था। रेल

ये ट्रेनें हुईं बहाल

11407  पुणे-लखनऊ, 11408 लखनऊ-पुणे एक्स., 1220 गरीबरथ, 14221 फैजाबाद इंटरसिटी, 18191 उत्सर्ग एक्सप्रेस, 19021 बांद्रा टर्मिनस-लखनऊ एक्सप्रेस, 24227 वरुणा एक्सप्रेस, 64202 कानपुर सेंट्रल लखनऊ मेमू, 64203 लखनऊ - कानपुर सेंट्रल मेमू, 64204 कानपुर सेंट्रल - लखनऊ मेमू, 64206 कानपुर सेंट्रल - लखनऊ मेमू।

कोहरे के कारण मंगलवार की सुबह भी विमान यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। अमौसी एयरपोर्ट पर दिन में करीब 11:30 बजे के बाद विमान संचालन पटरी पर आ सका। शाम होते ही फिर कोहरे के कारण उड़ानें लेट होने लगीं। चार उड़ानें निरस्त कर दी गईं। सुबह पहला विमान ओमान एयरवेज का उतरा। मस्कट से लखनऊ की उड़ान संख्या डब्ल्यूवाई 291 करीब 10:10 बजे अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर आई। इसके बाद इंडिगो, एयर इंडिया की उड़ानें उतरीं। तब तक घरेलू टर्मिनल पर सैकड़ों यात्री आ चुके थे। इस बीच कोहरे को देखते हुए इंडिगो की 6ई-769 लखनऊ दिल्ली, 6ई- 541 लखनऊ बंगलुरु, 6ई- 644 लखनऊ दिल्ली को निरस्त कर दिया गया। इसके अलावा अहमदाबाद लखनऊ और यहां से कोलकाता होते हुए गोवाहाटी जाने वाली उड़ान भी निरस्त रही।