12 घंटे की शिफ्ट को लेकर प. बंगाल की प्रिंटिंग प्रेस में नोटो की छपाई में कमी

नोटबंदी के बाद से ही देश में कैश की कमी बनी हुई है। इस कमी से निपटने के लिए रिजर्व बैंक अपनी चारों प्रिटिंग प्रेस में 500 के नोटों की छपाई कर रहा है...

12 घंटे की शिफ्ट को लेकर प. बंगाल की प्रिंटिंग प्रेस में नोटो की छपाई में कमी

नोटबंदी के बाद से ही देश में कैश की कमी बनी हुई है। इस कमी से निपटने के लिए रिजर्व बैंक अपनी चारों प्रिटिंग प्रेस में 500 के नोटों की छपाई कर रहा है। लेकिन अब पश्चिम बंगाल की प्रिटिंग प्रेस से परेशान करने वाली और चिंता बढ़ाने वाली खबर आई है। सालबोनी की करेंसी प्रिटिंग प्रेस के कर्मचारियों ने ओवरटाइम काम करने से मना कर दिया है। जो चिंता का सबब है नोटबंदी के बाद से प्रिटिंग प्रेस में कर्मचारी 9 घंटे की शिफ्ट से ज्यादा काम कर रहे थे, ताकि ज्यादा नोटों की छपाई हो सके।

लेकिन उसके बाद कर्मचारियों की एसोशिएसन ने प्रेस प्रबंधन को बताया है कि 14 दिसंबर के बाद ओवरटाइम करने से कर्मचारी बीमारियों की ताबीयत खराब होने लगी है। एसोसिएशन का कहना है कि कर्मचारियों को 12 घंटे तक काम करने के लिए मजबूर किया गया है जिससे वो बीमार पड़ गए हैं।

गौरतलब है कि सालबोनी की करेंसी प्रेस में 12-12 घंटे की दो शिफ्टों में नोटों की छपाई का काम चल रहा है। एसोसिएशन के मुताबिक, अभी दो शिफ्ट में 6 करोड़ 80 लाख नोट छप रहे थे। लेकिन 9 घंटे की शिफ्ट होने के बाद सिर्फ 3 करोड़ चालीस लाख नोट ही छप सकेंगे।सालबोनी प्रिटिंग प्रेस में 700 कर्मचारी हैं और यहां 10 रुपये से 2 हजार रुपये तक के नोटों की छपाई होती है।

बता दें कि 16 दिसंबर को देश के वित्त राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने एबीपी न्यूज से एक्सक्लुसिव बातचीत में कहा था कि नोटों का संकट 30 दिसंबर तक खत्म हो जाएगा। मेघवाल ने कहा था कि प्रधानमंत्री ने जो 50 दिन का वक्त दिया है वह एक दम सही है। धीरे धीरे स्थिति ठीक हो रही है। हम लगातार आरबीआई और करेंसी प्रिंटिंग वालों से बात कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि 30 दिसंबर तक स्थिति पूरी तरह ठीक हो जाएगी।