शेहला मसूद हत्याकांड में 4 दाेषियाें काे उम्रकैद

शेहला मसूद हत्याकांड में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने शनिवार को जाहिदा परवेज, उसकी साथी सबा फारूकी, शाकिब डेंजर और ताबिश को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में इरफान को बरी कर...

शेहला मसूद हत्याकांड में 4 दाेषियाें काे उम्रकैद

शेहला मसूद हत्या कांड मामला में में CBI की इंदौर स्थित स्पेशल कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुना दिया। दोषी जाहिदा परवेज, सबा फारुकी, क्रिमिनल शाकिब डेंजर और शूटर ताबिश को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। एक अन्य आरोपी इरफान को जुर्म कबूलने करने और जांच में मदद करने के लिए बरी कर दिया गया। बता दें कि 6 साल चले इस केस में 137 तारीखों पर सुनवाई हुई। इस दौरान CBI ने 83 गवाह पेश किए थे। शेहला RTI एक्टिविस्ट थीं। उनका भोपाल में 2011 में मर्डर हुआ था। शेहला (38) घर से ऑफिस जाने के लिए निकली थीं। जैसे ही वे कार में बैठीं, उन्हें गोली मार दी गई।  सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक जाहिदा, ध्रुवनारायण सिंह के लिए इतनी पागल थी कि उसने ध्रुव और शेहला की नजदीकियों से आहत होकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया। शुरुआती जांच में ध्रुवनारायण सिंह से भी पूछताछ की गई। उनका पॉलीग्राफ टेस्ट भी हुआ,लेकिन जांच में ध्रुव के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले। सीबीआई ने उन्हें क्लीन चिट दे दी।

जाहिदा के बार-बार मना करने के बाद भी जब ध्रुव,शेहला से अलग नहीं हुए तो जाहिदा ने तय कर लिया था कि वो शेहला को खत्म कर देगी। यहां से शुरू होती है शेहला की हत्या की कहानी। इसका जिक्र जाहिदा की डायरी

जाहिदा ने शाकिब डेंजर को शेहला की हत्या का अपना इरादा बताया। शाकिब ने कानपुर के ताबिश से संपर्क कर हत्या का सौदा तय किया। शाकिब ने ही ताबिश को शेहला की हत्या के लिए पल्सर बाइक औैर देशी कट्‌टा उपलब्ध कराया। साथ ही दो दिन तक शेहला के घर की रैकी भी करवाई।

शेहला को मारने की पहला कोशिश 14 अगस्त 2011 को हुई, लेकिन शेहला को गोली मारने पहुंच ताबिश बिना गोली चलाए ही लौट आया। 16 अगस्त 2011 को शेहला अपने घर से ऑफिस जाने के लिए जैसे ही कार में सवार हुई,उसे इरफान और ताबिश ने देशी कट्‌टे से गोली मार दी। गोली सीधे सेहला की कनपटी पर लगी और शेहला ने मौके पर ही दम
तोड़ दिया।

भोपाल पुलिस को शुरुआती जांच में कुछ भी हाथ नहीं लगा। मामला बढ़ा तो जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
छह महीने तक अलग-अलग बिंदुओं पर जांच करने का बाद 28 फरवरी 2012 को इस केस में पहली गिरफ्तारी हुई जाहिदा परवेज की। जाहिदा ने बताया उसने शेहला की हत्या के लिए शाकिब से शूटर बुलवाए थे। शाकिब को भी इसी दिन गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में जाहिदा ने बताया कि इस हत्या का षड़यंत्र मैंने अपनी कर्मचारी व दोस्त सबा फारूखी के साथ मिलकर रचा था। 2 मार्च को सीबीआई ने सबा को भी गिरफ्तार कर लिया। शाकिब से हुई पूछताछ के बाद सीबीआई ने 9 मार्च 2012 को इरफान को कानपुर से गिरफ्तार कर लिया। उसी दिन ताबिश को भी भोपाल में गिरफ्तार कर लिया गया।

जाहिदा व अन्य आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद सीबीआई ने हत्याकांड में एक के बाद एक कड़ियां जोड़ना शुरू किया। वो बाइक और देशी कट्‌टा भी बरामद करने का दावा किया जिससे शेहला की हत्या की गई थी। 25 मई 2012 को सीबीआई ने 4400 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। 21 जुलाई 2012 को सीबीआई कोर्ट में आरोपियों पर आरोप तय किए गए। 137 सुनवाई में सीबीआई ने 83 गवाह पेश किए।  28 जनवरी की अदालत ने सुनाई जाहिदा समेत चार को सजा, इरफान बरी।