नौकरशाहों से काम कराने के लिए 56 इंच का सीना चाहिए: उमा भारती

केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में नौकरशाहों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि नौकरशाहों से काम कराने के लिए 56 इंच का सीना होना चाहिए।

नौकरशाहों से काम कराने के लिए 56 इंच का सीना चाहिए: उमा भारती

केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में नौकरशाहों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि नौकरशाहों से काम कराने के लिए 56 इंच का सीना होना चाहिए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उमा भारती ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय में 'खाद्य और आजीविका सुरक्षा के लिए जल और भू-प्रबंधन' विषय पर पहले एशियन कान्फ्रेंस के उद्घाटन के दौरान ये बात कही है।

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक उमा भारती ग्राउंड वाटर बोर्ड के काम में देरी को लेकर चिंता व्यक्त कर रही थीं। उन्होंने नौकरशाहों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि "वो बेचारे (नौकरशाह) डब्बे में बंद चिड़िया होते हैं और वे उनसे बाहर नहीं निकलते है।

भारती ने कहा कि नरेंद्र मोदी ऐसे पीएम हैं, जिन्होंने विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा। भारत में इससे पहले जितने भी चुनाव हुए, उनमें भावनाओं का दोहन हुआ। ये पहला चुनाव था जो मनुष्य की जरूरतों को पूरा करने का वादा करके लड़ा गया।

उन्होंने कहा कि गुजरात के विकास की कहानी सच में वाटर मैनेजमेंट की कहानी है। हमने हरित क्रांति में असावधानी बरती। इस कारण हमारी बहुत सी जमीनें बंजर हो गईं। हमें हर जगह की क्लाइमेट के हिसाब से खेती करनी थी।

उमा भारती ने एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी कैंपस में स्वामी विवेकानंद एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट के भवन का भूमिपूजन-शिलान्यास किया। इसके अलावा शॉपिंग कॉम्पलेक्स और दवाखाना का भी लोकार्पण किया।