चुनाव आयोग के 7 नए प्रयास

इस बार चुनाव आयोग कुछ नया करने जा रहा है जिससे भ्रष्ट नेताओं पर लगाम लग सके।

चुनाव आयोग के 7 नए प्रयास

चुनाव आयोग ने पांच राज्यों के चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है इस बार के चुनाव में आयोग कुछ नई पहल करने जा रहा है.

नो डिमांड सर्टिफिकेट यानी डीफॉल्टर नेताओं पर सख्ती

उम्मीदवारों को इस बार एक नो-डिमांड सर्टिफिकेट भी जमा करना होगा. इसमें बिजली, पानी और सरकारी मकान के बकाए के बारे में जानकारी देनी होगी. उम्मीदवारों पर सरकारी सेवाओं का बिल भुगतान न करने के मामले सामने आते रहे हैं.

पार्टी, उम्मीदवार चैनल मालिकों पर नजर यानी 'पेड न्यूज' पर सख्ती 

उम्मीदवारों और पार्टियों के स्वामित्व वाले चैनलों पर नजर रखी जाएगी. इन चैनलों पर पार्टी या उम्मीदवारों के प्रचार के कार्यक्रमों को चुनाव प्रचार के खर्च में जोड़ा जाएगा.

कैशलेस होंगे नेता यानी कालेधन पर सख्ती 

इस बार का चुनाव होगा कैशलेस. आयोग ने कहा है कि उम्मीदवार अपने चुनाव खर्च में 20,000 से अधिक के नकद भुगतान न करें. इससे ज्यादा रकम की भुगतान चेक या ऑनलआइन किया जाए. उम्मीदवारों को चुनाव के लिए 20,000 से ज्यादा चंदा भी नकद में न लेने की हिदायत दी गई है.

ईवीएम में उम्मीदवार के फोटो यानी अधिक पारदर्शिता

ईवीएम मशीन में इस बार पार्टी के चुनाव चिन्ह के साथ उम्मीदवार को फोटो भी लगे होंगे. मतदाता अगर अपने उम्मीदवार को पहचानता है तो उसे अपना मत डालने में आसानी होगी. आम तौर पर कुछ प्रत्याशी सामने वाले को हराने के लिए उससे मिलते जुलते नाम के कई प्रत्याशी खड़े कर देते हैं जो महज 'वोटकटुआ' ही होते हैं.

वोटिंग बॉक्स के तीन ओर लगे गत्ते की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी

वोट डालते वक्त मतदाता किसे चुन रहा है इसका अंदाजा लगा पाना अब मुश्किल हो जाएगा. चुनाव आयोग मतदाता बूथ में लगने वाला बॉक्स ऊंचा करेगा. पोलिंग बूथ की ऊंचाई अब 30 इंच यानि ढाई फीट होगी. ये पहले से आधा फीट ज्यादा होगी.

महिलाओं और दिव्यांगों के लिए अलग केंद्र

महिलाओं के लिए कई जगहों पर अलग पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे. इन मतदान केंद्रों पर केवल महिलाएं ही वोट डाल सकेंगी. महिलाओं की ही तरह दिव्यांगो के लिए भी अलग पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे. इन मतदान केंद्रों पर दिव्यांगो की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की जाएगी.

रंगीन पर्ची

चुनाव आयोग अब ब्लैक एंड व्हाइट मतदाता पर्ची की बजाय रंगीन पर्ची देगा. इन मतदाता पर्चियों में वोटर का फोटो, उसका पता, पोलिंग बूथ संख्या जैसी जानकारियां दर्ज होती हैं।