यूपी: 95 साल की उम्र में चुनाव लड़ेगी ये महिला, व्हील चेयर पर कराने पहुंची नामांकन

यूपी में होने जा रहे विधानसभी चुनाव के लिए प्रत्याशियों का नामाकंन दाखिल करने का सिलसिला शुरु हो गया है। दाखिले के लिए चुनाव में नामांकन कराने वालो में राज्य की सबसे बुजिर्ग महिला भी शामिल है वो भी बीते मंगलवार अपना नामांकन दाखिला कराने पहुंची...

यूपी: 95 साल की उम्र में चुनाव लड़ेगी ये महिला, व्हील चेयर पर कराने पहुंची नामांकन

यूपी में होने जा रहे विधानसभी चुनाव के लिए प्रत्याशियों का नामाकंन दाखिल करने का सिलसिला शुरु हो गया है। दाखिले के लिए चुनाव में नामांकन कराने वालो में राज्य की सबसे बुजिर्ग महिला भी शामिल है वो भी बीते मंगलवार अपना नामांकन दाखिला कराने पहुंची। आगरा की खेरागढ़ विधानसभा क्षेत्र से प्रदेश की सबसे उम्रदराज प्रत्याशी जल देवी ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया। उन्होंने व्हील चेयर पर सवार होकर बेटे के साथ जिला कलेक्ट्रेट पहुंच कर अपना नामांकन दाखिल कराया।

बता दें कि जल देवी प्रदेश की सबसे बुजुर्ग महिला हैं, जिन्होंने आज खेरागढ़ से नामांकन किया है। इस ढलती उम्र में वे आत्मविश्वास से लबरेज है, 95 साल की उम्र में सबसे बुजुर्ग जिला पंचायत सदस्य भी हैं। जनता की समस्याओं को दूर करने का जज्बा उनकी बातों में साफ दिखाई देता है। 95 साल की जल देवी पहले भी जिला पंचायत का चुनाव जीत चुकी है। उनकी इच्छा है कि वे जब तक जिन्दा रहेगी चुनाव लड़ती रहेगी और उनके बाद उनकी इस विरासत को उनका बेटा आगे बढाएगा।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 11 फरवरी से 8 मार्च के बीच सात चरणों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। कांग्रेस और सपा के अखिलेश धड़े के बीच गठबंध के बावजूद बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के बाद जिस तरह से बीजेपी को दिल्ली और बिहार में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है, वैसे में उत्तर प्रदेश का चुनाव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। मुख्यमंत्री चेहरे को सामने न लाकर एक बार फिर बीजेपी ने पीएम मोदी के चेहरे पर दांव खेला है। इसका कितना फायदा उसे इन चुनावों में मिलेगा वह 11 मार्च को सामने आ ही जाएगा।

साथ ही इस बार उत्तर प्रदेश चुनावों में सपा में मचे घमासान के अलावा प्रदेश की कानून व्यवस्था, सर्जिकल स्ट्राइक, नोटबंदी और विकास का मुद्दा प्रमुख रहने वाला है। जहां एक ओर बीजेपी और बएसपी प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर अखिलेश सरकार को घेर रही हैं, वहीँ विपक्ष नोटबंदी के फैसले को भी चुनावी मुद्दा बना रहा है। यूपी विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं। 2012 के विधानसभा चुनावों में सपा ने 224 सीट जीतकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। पिछले चुनावों में बएसपी को 80, बीजेपी को 47, कांग्रेस को 28, रालोद को 9 और अन्य को 24 सीटें मिलीं थीं।