जम्मू-कश्मीर के लाेग सबसे आगे हैं फाेन पर बात करने में

इस बात से शायद आप हैरान हाे जांए की देश में हर महीने प्रति उपभोक्ता जीएसएम (ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल्स ) फोन पर बात करने के मामले में सबसे आगे जम्मू-कश्मीर रहा। यह आंकड़ा दूरसंचार नियामक संस्था ट्राई पेश किया इस रिपाेर्ट के अनुसार राज्य में साल 2016 में राज्य के हर उपभोक्ता ने अपने जीएसएम फोन पर हर महीने औसतन 534 मिनट फ़ोन पर बात की है।

जम्मू-कश्मीर के लाेग सबसे आगे हैं फाेन पर बात करने में

इस बात से शायद आप हैरान हाे जांए की देश में हर महीने प्रति उपभोक्ता जीएसएम (ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल्स) फोन पर बात करने के मामले में सबसे आगे जम्मू-कश्मीर रहा। यह आंकड़ा दूरसंचार नियामक संस्था ट्राई ने पेश किया। इस रिपाेर्ट के अनुसार राज्य में साल 2016 में राज्य के हर उपभोक्ता ने अपने जीएसएम फोन पर हर महीने औसतन 534 मिनट फ़ोन पर बात की है। वहीं दूसरों को फोन करने (आउटगोइंग कॉल) के मामले में सबसे आगे  रहा महाराष्ट्र (मुंबई को छोड़कर)। एसएमएस संदेश भेजने के मामले में सबसे आगे रहा पंजाब।

मीडिया रिपाेर्ट के मुताबिक जीएसएम फोन पर बात करने के मामले में साल 2016 में देश में दूसरे स्थान पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली है। दिल्ली में हर उपभोक्ता ने फोन पर हर महीन औसतन 438 मिनट बात की। वहीं मुंबई इस मामले में तीसरे स्थान पर रही। मुंबई में हर उपभोक्ता ने औसतन हर महीने 435 मिनट बात की। देश के सभी महानगर को टेलीकॉम रेगुलेटर अलग टेलीकॉम सर्किल में रखते हैं इसलिए उनके आंकड़े भी अलग-अलग आते हैं। वहीं कई राज्यों में एक से ज्यादा टेलीकॉम सर्किल हैं मसलन यूपी में पूर्वी यूपी और पश्चिमी यूपी अलग-अलग टेलीकॉम सर्किल हैं।

जीएसएम फोन पर पिछले साल सबसे कम बात मध्य प्रदेश में की गयी। राज्य में साल 2016 में हर जीएसएम फोन वाले उपभोक्ता ने औसतन हर महीने 300 मिनट बात की। कम बात करने के मामले में दूसरे स्थान पर पूर्वोत्तर भारत रहा जहां जीएसएम फोन पर प्रति उपभोक्ता प्रति माह औसत बातचीत की दर 323 मिनट रही। कम बात करने के मामले में तीसरे स्थान पर महाराष्ट्र (मुंबई छोड़कर) रहा। औद्योगिक राजधानी मुंबई को छोड़कर बाकी महाराष्ट्र में पिछले साल हर उपभोक्ता ने औसतन हर महीने 326 मिनट बात की।

दूसरों को फोन करने के मामले में पिछले साल देश के दो महानगर सबसे आगे रहे। जीएसएम फ़ोन से साल 2016 में सबसे अधिक आउटगोइंग कॉल मुंबई से की गयी। मुंबई से पिछले साल जीएसएम फ़ोन से की गयी कुल कॉलों में 58.2 प्रतिशत आउटगोइंग थीं। इस मामले में दूसरे नंबर पर राजधानी दिल्ली रही जहां जीएसएम फोन से की गयी कुल कॉलों में 54.8 प्रतिशत आउटगोइंग थीं। जीएसएम फ़ोन से आउटगोइंग कॉल के मामले में तीसरे स्थान पर गुजरात रहा जहां से पिछले साल जीएसएम फोन से की गयी कुल कॉल में से 54.2 प्रतिशत आउटगोइंग थीं।

जीएसएम फ़ोन से एसएमएस संदेश भेजने के मामले में सबसे आगे पंजाब रहा। पिछले साल प्रति उपभोक्ता प्रति माह औसत एसएमएस भेजने की दर 77 थी। एसएमएस भेजने के मामले में दूसरे नंबर पर पूर्वोत्तर भारत (54) और तीसरे स्थान पर महाराष्ट्र(मुंबई छोड़कर) रहा। महाराष्ट्र में पिछले साल हर उपभोक्ता ने हर महीने औसतन 34 एसएमएस भेजे।

हैरत की बात ये है कि जीएसएम फोन से बात करने के मामले में सबसे आगे जम्मू-कश्मीर एसएमएस भेजने के मामले में सबसे पीछे रहा। राज्य में साल 2016 में प्रति उपभोक्ता प्रति माह एसएमएस भेजने की औसत दर 5 रही। बिहार में भी पिछले साल जीएसएम फोन से एसएमएस भेजने की दर 5 ही रही। वहीं ओडिशा में जीएसएम फोन से प्रति उपभोक्ता प्रति माह एसएमएस भेजने की दर 7 रही।