मुस्लिम देशाें का ट्रंप का जवाब, ईरान लगा सकता है अमेरिकीयाें पर प्रतिबंध

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘‘चरमपंथी इस्लामी आतंकवादियों को अमेरिका में प्रवेश न करने आैर उन्हे बाहर रखने के नए उपायों के एक आैर हिस्से के रूप में 7 मुस्लिम बहुल देशों से लोगों के अमेरिका में प्रवेश की ‘‘कठोर जांच’ के आदेश दिए और अगली सूचना तक सीरियाई शरणार्थियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया हैं।

मुस्लिम देशाें का ट्रंप का जवाब, ईरान लगा सकता है अमेरिकीयाें पर प्रतिबंध

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘‘चरमपंथी इस्लामी आतंकवादियों को अमेरिका में प्रवेश न करने आैर उन्हे बाहर रखने के नए उपायों के एक आैर हिस्से के रूप में 7 मुस्लिम बहुल देशों से लोगों के अमेरिका में प्रवेश की ‘‘कठोर जांच’ के आदेश दिए और अगली सूचना तक सीरियाई शरणार्थियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया हैं। आपकाे बतादें कि प्रतिबंधित 7 देशों में ईरान भी शामिल है। ट्रंप के इस आदेश के बाद अब ईरान ने अमेरिका की इस कार्रवाई के जवाब में अमेरिकी नागरिकों के ईरान में प्रवेश पर बैन लगाने का फैसला किया है। ईरान विदेश मंत्रालय ने बीते शनिवार को इस फैसले की जानकारी दी। विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के फैसले को 'अपमानजनक' बताया।

मीडिया रिपाेर्ट के मुताबिक ईरान विदेश मंत्रालय के द्वारा जारी इस बयान को ईरान के न्यूज चैनल में प्रसारित किया गया। इस बयान में कहा गया कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने ईरानी नागरिकों के खिलाफ लिए गए अमेरिका के इस अपमानजनक फैसले के जवाब में यह निर्णय लिया है। जबतक ईरान पर लगाया गया यह प्रतिबंध हटाया नहीं जाता, तब तक ईरान भी अमेरिकी नागरिकों को अपनी जमीन में प्रवेश का अधिकार नहीं देगा।' ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के निर्णय को 'गैरकानूनी, बेतुका और अंतर्राष्ट्रीय नियमों के विपरीत' बताया।

उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने बीते शुक्रवार को एक एग्जिक्युटिव ऑर्डर पर दस्तखत कर यह आदेश जारी किया था। जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका में शरणार्थियों के प्रवेश को रोकने और ईरान, इराक, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर कठोर नियंत्रण बनाने के मकसद से यह निर्णय लिया गया है। इन सातों देशों में मुस्लिम बहुल आबादी है। ट्रंप ने यह भी कहा था कि कट्टर इस्लामिक आतंकवाद से अमेरिका को बचाने के लिए उन्होंने यह फैसला लिया।