तमिलनाडु : 3 साल बाद फिर होगा जल्लीकट्टू का आयोजन, सीएम करेंगे उद्घाटन

जल्लीकट्टू का मदुरै में आज होगा आयोजन,CM पन्नीरसेलवम करेंगे उद्घाटन...

तमिलनाडु : 3 साल बाद फिर होगा जल्लीकट्टू का आयोजन, सीएम करेंगे उद्घाटन

तमिलनाडु के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव ने जल्लीकट्टू के लिए अध्यादेश जारी कर दिया है। लगभग तीन साल के प्रतिबंध के बाद अब इसका फिर से आयोजन होने वाला है और सांड़ों पर काबू पाने के इस खेल का रविवार को मुदरै के अलगनल्लूर और राज्य के अन्य स्थानों पर आयोजन होगा।

मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेलवम कल सुबह 10 बजे जल्लीकट्टू का अलगनल्लूर में उद्घाटन करेंगे, जो इस ग्रामीण खेल के लिए प्रसिद्ध है। वहीं, मदुरै जिला कलेक्टर के. वीरा राघव राव ने कहा कि हर चीज तैयार है और लोग सरकार से हरी झंडी का इंतजार कर रहे हैं।

पन्नीरसेलवम ने कहा कि अन्य इलाकों में, संबद्ध क्षेत्रों के मंत्री सुबह 11 बजे इस खेल का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री ने जल्लीकट्टू का समर्थन करने को लेकर आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का शुक्रिया अदा किया।

उन्होंने मोदी को एक पत्र में लिखा, ‘सरकार और तमिलनाडु के लोगों की ओर से, मैं पोंगल के दौरान एक बार फिर से तमिलनाडु में जल्लीकट्टू को सक्षम बनाने में आपके समर्थन और सहयोग के लिए शुक्रिया अदा करता हूं।’

पन्नीरसेलवम ने कहा कि अध्यादेश की जगह एक मसौदा विधेयक बगैर किसी बाधा के 23 जनवरी से शुरू हो रहे तमिलनाडु विधानसभा सत्र में पेश और स्वीकार किया जाएगा। इससे पहले दिन में मोदी ने कहा कि तमिलनाडु के लोगों की सांस्कृतिक आकांक्षाएं पूरी करने के लिए सारी कोशिशें की जा रही हैं।

इस बीच, धर्मपुरी से लोकसभा सांसद अंबूमणि रामदॉस ने आज राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की और जंतु निर्ममता निवारण अधिनियम 1960 में एक संसदीय संशोधन के जरिए जल्लीकट्टू के एक स्थायी हल की मांग की। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में लाया गया अध्यादेश सिर्फ एक अस्थायी हल है और इसे उच्चतम न्यायालय कभी भी रद्द कर सकता है।

उन्होंने बताया, ‘हमने केंद्र सरकार से यह भरोसा दिलाने को कहा है कि यदि न्यायालय कुछ समय बाद अध्यादेश को रद्द करता है तो वह संसद के आगामी सत्र में पीसीए अधिनियम में संशोधन करेगी।’