एम्स के चक्कर लगाती ब्रेन ट्यूमर की मरीज़

ब्रेन ट्यूमर से जूझ रही महिला को तत्काल सर्जरी की जरूरत है, लेकिन एम्स अस्पताल के डॉक्टरों ने बिस्तरों की कमी होने का हवाला देते हुए पीड़िता को सर्जरी के लिए 2020 का समय दिया है।

एम्स के चक्कर लगाती ब्रेन ट्यूमर की मरीज़

ब्रेन ट्यूमर से जूझ रही एक महिला को तत्काल सर्जरी की जरूरत है, लेकिन दिल्ली के एम्स अस्पताल के डॉक्टरों ने बिस्तरों की कमी होने का हवाला देते हुए पीड़िता को सर्जरी के लिए 20 फरवरी, 2020 का समय दिया है। बिहार के छपरा जिले की रहने वाली 65 साल की रामरती को पटना के एक सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने एम्स के न्यूरोसर्जरी विभाग में इलाज के लिए भेजा था।

रामरती के बेटे गुलाब ठाकुर का कहना है कि एम्स के डॉक्टरों ने कहा है कि सर्जरी की जरूरत है, लेकिन बिस्तरों की अनुपलब्धता का हवाला देते हुए 20 फरवरी, 2020 की तारीख तय की है।

गुलाब ठाकुर ने डॉक्टरों से कहा कि 2020 तक तो काफी देर हो जाएगी, उनकी मां मर जाएगी। उसने बताया कि वह एक गरीब आदमी है और किसी निजी अस्पताल में सर्जरी कराने के लिए उसके पास पैसे नहीं हैं।

गुलाब पिछले कई दिनों से जल्दी की तारीख पाने के लिए एम्स के कई चक्कर लगा रहा है। गुलाब ने बताया कि उसकी मां तेज सिर दर्द, बार-बार याद्दाश्त चले जाने और कमजोरी से जूझ रही है और हर दिन बीतने के साथ ही उसका दर्द असहनीय होता जा रहा है।

एम्स के न्यूरोसर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. बीएस शर्मा ने कहा कि उनके डॉक्टर जितने मरीजों को संभाल सकते हैं, उससे कहीं ज्यादा संख्या में मरीज आते हैं। एम्स आमतौर पर स्थिति की गंभीरता के आधार पर तारीख देता है, कभी-कभी प्रतिक्षा सूची लंबी हो जाती है।

एम्स में इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले साल 2013 में नोएडा की 13 साल की लड़की अंजलि को भी ब्रेन ट्यूमर के ऑपरेशन की तारीख 2020 की दी गई थी।