''गणतंत्र दिवस''

भारतीय संविधान को सम्मान देने के लिए 26 जनवरी को पूरे सम्मान के साथ हर साल भारत में गणतंत्र दिवस मनाया जाता है क्योंकि आज ही के दिन 1950 में ये लागू हुआ था...

भारतीय संविधान को सम्मान देने के लिए 26 जनवरी को पूरे सम्मान के साथ हर साल भारत में गणतंत्र दिवस मनाया जाता है क्योंकि आज ही के दिन 1950 में ये लागू हुआ था। भारतीय संविधान ने 1935 के अधिनियम को बदल कर खुद को भारत के संचालक दस्तावेज़ के रुप में स्थापित किया था। इस दिन को भारतीय सरकार द्वारा राष्ट्रीय अवकाश के रुप में घोषित किया गया है। भारतीय संवैधानिक सभा द्वारा नये भारतीय संविधान की रुप-रेखा तैयार हुई और स्वीकृति मिली तथा भारत के गणतांत्रिक देश बनने की खुशी में इसे हर वर्ष 26 जनवरी को मनाने की घोषणा हुई।

भारत में वर्ष 2017 का गणतंत्र दिवस 26 जनवरी गुरूवार को मनाया जा रहा है। इस साल 2017 में भारत अपना 68वाँ गणतंत्र दिवस मना रहा है। भारत ने अपना पहला गणतंत्र दिवस 1950 में मनाया था।

गणतंत्र दिवस 2017 के मुख्य अतिथि


भारत के गणतंत्र दिवस, 2017 के, मुख्य अतिथि अबु धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहमद बिन ज़ायेद अल नाह्यान है। भारत के 68वें गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर अबु धाबी के क्राउन प्रिंस को आमंत्रित किया गया था और उन्होंने इस आमंत्रण को स्वीकार किया।

राजधानी में गणतंत्र दिवस को मनाने के लिये पहले से ही भारतीय सरकार द्वारा अच्छे प्रयास के साथ कार्यक्रम और उत्सव आयोजित किया जाता है। राज्यों की राजधानी के साथ ही नयी दिल्ली के राजपथ पर एक बड़ा और भव्य परेड का आयोजन किया जाता है। परेड में पारंपरिक डाँस समूह, जल सेना, वायु सेना और थल सेना से प्रतिभागी भाग लेते हैं।

इंडिया गेट के अमर ज्योति जवान पर भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा पुष्पमाला भेंट की जाती है। अपने देश की रक्षा करते हुए भारतीय सेना के सैनिकों के सभी बलिदानों को याद करने के लिये ऐसा किया जाता है। राजधानी में परेड के दौरान भारतीय राष्ट्रपति द्वारा सेना की सलामी ली जाती है जबकि राज्यों में राज्यपाल द्वारा सेना की सलामी ली जाती है। इस खास अवसर पर, राज्य के प्रमुख राष्ट्रपति के मुख्य अतिथि बनते हैं।

गणतंत्र दिवस मनाने का इतिहास

वर्ष 1947 में 15 अगस्त को अंग्रेजी शासन से भारत को आजादी मिली थी। उस समय देश का कोई स्थायी संविधान नहीं था। पहली बार, वर्ष 1947 में 4 नवंबर को राष्ट्रीय सभा को ड्राफ्टिंग कमेटी के द्वारा भारतीय संविधान का पहला ड्राफ्ट प्रस्तुत किया गया था। वर्ष 1950 में 24 जनवरी को हिन्दी और अंग्रेजी में दो संस्करणों में राष्ट्रीय सभा द्वारा भारतीय संविधान का पहला ड्राफ्ट हस्ताक्षरित हुआ था। तब 26 जनवरी 1950 अर्थात् गणतंत्र दिवस को भारतीय संविधान अस्तित्व में आया। तब से, भारत में गणतंत्र दिवस के रुप में 26 जनवरी मनाने की शुरुआत हुई थी।

26 जनवरी मनाने का महत्व


गणतंत्र दिवस स्वतंत्र भारत के लिये सच्चे साहस का प्रतीक है जहाँ सैन्य परेड, सैन्य सामानों की प्रदर्शनी, भारतीय राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय झंडे को सलामी और इस दिन विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होता है। भारतीय झंडे में क्षैतिज दिशा में तीन रंग होते हैं (सबसे ऊपर केसरिया, मध्य में सफेद तथा अंत में हरा, सभी रंग बराबर अनुपात में होता है) और बीच में एक चक्र होता है (नीले रंग में 24 तिलियों के साथ) जो अशोका की राजधानी सारनाथ के शेर को दिखाता है। हर साल भारत में गंणतंत्र दिवस को पूरे हर्ष और उल्लास के सात मनाया जाता है और इस बार भी गणतंत्र दिवस की तैयारियां पूरी सुरक्षा से की गई है। 26 जनवरी लोगों के दिलों में देशभक्ति की अलग ही किरण जगा देती है इसीलिए देश का हर एक नागरिक इस दिन को एक खास मौके की तरह मनाता है। साथ ही इस खास मौके पर naradanews की तरफ से सभी देश वासियों को गणतंत्र दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं।

जय हिंद, जय भारत