देश के खातिर बेटा कुर्बान, सरकार कर रही हैं परिजनाें काे परेशान

आर्मी डे पर शौर्य चक्र विजेता शहीद कैप्टन पवन के पिता राजबीर सिंह का जींद में दर्द छलक गया। यहां शहीद के पिता ने कहा कि उनके इकलौते बेटे ने तो जान देकर अपनी ड्यूटी पूरी कर ली, लेकिन सरकार ने क्या किया? सीएम के कहने के बावजूद भी आज तक उनकी ट्रांसफर तक नहीं हुई।

देश के खातिर बेटा कुर्बान, सरकार कर रही हैं परिजनाें काे परेशान

आर्मी डे पर शौर्य चक्र विजेता शहीद कैप्टन पवन के पिता राजबीर सिंह का जींद में  दर्द छलक गया। यहां शहीद के पिता ने कहा कि उनके इकलौते बेटे ने तो जान देकर अपनी ड्यूटी पूरी कर ली, लेकिन सरकार ने क्या किया? सीएम के कहने के बावजूद भी आज तक उनकी ट्रांसफर तक नहीं हुई।

आपको बता दें कि शहीद पवन अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था। बेटे के मरने के बाद मां-बाप टूटकर रह गए। दोनों अलग-अलग जगह पर सरकारी टीचर के तौर पर नौकरी करते हैं। बेटे के मरने के बाद मां-बाप के लिए जींद से कोसों दूर अलग-अलग जगह पर नौकरी करना बस की बात नहीं रही। लोगों ने मिलकर सरकार से अपील की थी कि इन दोनों को एक ही जगह पर नियुक्त कर दिया जाए। ताकि ये लोग एक ही जगह पर इकट्ठे आ जा सके और एक दूसरे का सहारा बन सके। इस मामले में खुद मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनकी ट्रांसफर एक ही जगह पर कर दी जाएगी, लेकिन अरसे बीत गए, ट्रांसफर नहीं हुई।

आज जींद की चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी में आर्मी डे मनाया गया। ऐसा पहली बार हुआ यह आर्मी डे सिविल द्वारा मनाया गया। आमतौर पर आर्मी डे आर्मी द्वारा ही मनाया जाता है। यहां कार्यक्रम में शहीद पवन के पिता का मीडिया के सामने दर्द छलका और उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने तो अपनी ड्यूटी पूरी की लेकिन सरकार ने क्या किया बदली तक नहीं की, कोई बात नहीं, जब उनका बेटा सरहदों पर इतनी दूर ड्यूटी देकर देश के लिए शहीद हो गया तो वे भी अपनी ड्यूटी दूर-दूर कर लेंगे। यह वहीं शहीद कैप्टन पवन है जिसने शहीद होने से ठीक एक दिन पहले फेसबुक पर पोस्ट किया था कि किसी को चाहिए आरक्षण तो किसी को चाहिए आजादी भाई। हमें तो कुछ नहीं चाहिए भाई, हमें तो चाहिए अपनी रजाई भाई।