हैकिंग को लेकर ट्रंप नेे अपनाया कड़ा रूख

अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद ही डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पहली प्रेस कांफ्रेस में अपनी ही खुफिया एजेंसियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। ट्रंप ने ऐसा करके ये तो दिखा दिया है कि वो अपने पद का सही इस्तेमाल करेंगे। अपनी ही खुफिया एजेंसी को ट्रंप ने इसलिए कटघरे में खड़ा किया है

हैकिंग को लेकर ट्रंप नेे अपनाया कड़ा रूख

अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद ही डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पहली प्रेस कांफ्रेस में अपनी ही खुफिया एजेंसियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। ट्रंप ने ऐसा करके ये तो दिखा दिया है कि वो अपने पद का सही इस्तेमाल करेंगे। अपनी ही खुफिया एजेंसी को ट्रंप ने इसलिए कटघरे में खड़ा किया है उन्होंने कहा कि मैं हैंकिग का खुलासा करके रहूंगा। दरअसल हाल ही में कुछ ऐसे दस्तावेज़ लीक हुए थे, जिनमें ये कहा गया कि रूसी अधिकारियों के पास ट्रंप की कुछ ऐसी वीडियो रिकॉर्डिंग्स मौजूद हैं, जो बेहद आपत्तिजनक हैं। लेकिन ट्रंप ने लीक हुए उन दस्तावेज़ों को बेबुनियाद और झूठा बताया है और कहा है कि इसके लिए अमेरिकी खुफिया एजेंसियां ज़िम्मेदार हैं।

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप की प्रेस कांफ्रेंस में शुरुआत ही रूस के कथित हैकिंग वाले सवालों से हुई। मीडिया के सवालों पर उन्होंने पहली बार ये बातें कही कि राष्ट्रपति चुनाव के दौरान की गयी हैकिंग रूस की ओर से हो सकती है लेकिन निश्चित तौर पर यह नहीं कहा जा सकता, क्योंकि चीन सहित कई देश अमेरिकी साइबर स्पेस में लगातार सेंध मारते रहते हैं।

वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जहां तक हैकिंग का सवाल है, मैं सोचता हूं ये रूस था, लेकिन हम कई दूसरे देशों द्वारा भी हैक किए गए हैं। हाल ही में 2 करोड़ 20 लाख लोगों के नाम और जानकारियां हम खो चुके हैं, इसके पीछे संभवत: चीन भी हो सकता है। लेकिन चीन लगातार इन खबरों का खंड़न करके इसे साजिश करार दे रहा है।

साथ ही अमेरिकी जनता को ट्रंप ने विश्वास दिलाया कि अब उनका अपने कारोबार से कोई मतलब नहीं है, सारा कारोबार उन्होंने अपने बेटों के हवाले कर दिया है। वैसे तो प्रेस कांफ़्रेस का असली मकसद अमेरिकी जनता से अपनी भविष्य की योजनाएं बताने की थी लेकिन प्रेस कांफ्रेंस रूस से जुड़े आरोपों के ईर्द गिर्द ही सिमट कर रह गयी।