सुप्रीम कोर्ट ने BCCI अध्यक्ष पद से अनुराग ठाकुर को हटाया

सुप्रीम कोर्ट ने BCCI अध्यक्ष पद से अनुराग ठाकुर को हटाया।

सुप्रीम कोर्ट ने BCCI अध्यक्ष पद से अनुराग ठाकुर को हटाया

सुप्रीम कोर्ट का फैसला BCCI के अध्यक्ष पद से अनुराग ठाकुर को हटाया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में करीब डेढ़ साल से चल रही सुनवाई के बाद यह फैसला आया है।

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक मामले की सुनवाई करते आए चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने रिटायर होने से पहले इस पर फैसला सुनाया है। बीसीसीआई की तरफ से लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को लागू करने में हो रही आना-कानी करना बीसीसीआई को भारी पड़ा है।

सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय सिर्के को पद से हटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोनों को नोटिस भी जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट में डेढ़ साल से चल रहे इस मामले में आज सुनवाई हुई। बता दें कि पिछली सुनवाई में कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने पिछली सुनवाई में कहा था कि बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर पर कोर्ट की अवमानना का केस चलाया जा सकता है। इसके लिए अनुराग ठाकुर जेल भी जा सकते हैं।

लोढा पैनल की कुछ मुख्य सिफारिशें


  • 9 सदस्यों वाली परिषद- लोढा पैनल ने यह सिफारिश की थी कि बीसीसीआई की 14 सदस्यों वाली कार्यकारिणी कमेटी की जगह 9 सदस्यों वाली शीर्ष परिषद बनाई जाए।

  • 3 सदस्यों वाली चयन समिति- बीसीसीआई की कार्यकारिणी कमेटी में कोई भी मंत्री और सरकारी अधिकारी न हो। टीम चयन के लिए पांच सदस्यों की जगह तीन सदस्य वाली चयन समिति बने।

  •  3 साल का कार्यकाल- एक पदाधिकारी एक बार में केवल तीन साल के लिए ही बीसीसीआई की कार्यकारिणी का सदस्य रहे और ज्यादा से ज्यादा तीन बार बीसीसीआई का चुनाव लड़े। लगातार दो बार कोई भी पदाधिकारी किसी भी पद पर नहीं रह सकता।

  •  अलग-अलग संचालन- आईपीएल और बीसीसीआई की अलग-अलग संचालन संस्था हो। आईपीएल और राष्ट्रीय कैलेंडर के बीच 15 दिन का अंतर होना चाहिए यानी आईपीएल ख़त्म होने के 15 दिन के बाद खिलाड़ी कोई भी अंतरराष्ट्रीय मैच खेल सकता है।

  • 70 साल से अधिक वाले पद छोड़े- एक अहम सिफारिश यह थी कि 70 साल से अधिक की उम्र का कोई भी व्यक्ति बीसीसीआई और राज्य बोर्ड की किसी भी कमेटी का सदस्य न बने।

  • एक राज्य-एक संघ! पैनल ने कहा था कि किसी भी राज्य में सिर्फ एक ही संघ होना चाहिए और एक राज्य सिर्फ एक वोट कर सकता है. अगर एक राज्य में एक से ज्यादा क्रिकेट संघ है तो वह रोटेशन के तहत वोट दें.

  •  सट्टेबाजी को वैधता- लोढा पैनल ने सट्टेबाज़ी को वैध करने की सिफारिश की थी, लेकिन यह भी कहा था कि कोई खिलाड़ी, प्रबंधक और पदाधिकारी सट्टेबाज़ी का हिस्सा न हो।