ट्रेन हादसाें के पीछे रेल कर्मचारियाें की विफलता: रिपाेर्ट

ट्रेन दुर्घटनाओं के पीछे की सबसे बड़ी वजह रेल कर्मचारियों की विफलता है। यह बात रेल मंत्रालय को सौंपी गई सुरक्षा रिपोर्ट में कही गई है। इस रिपाेर्ट में कहा गया है कि ट्रेनों के पटरी से उतरने की वजह से सबसे अधिक यात्रियों की मौत होती है और लोग घायल होते हैं।

ट्रेन हादसाें के पीछे रेल कर्मचारियाें की विफलता: रिपाेर्ट

ट्रेन दुर्घटनाओं के पीछे की सबसे बड़ी वजह रेल कर्मचारियों की विफलता है। यह बात रेल मंत्रालय को सौंपी गई सुरक्षा रिपोर्ट में कही गई है। इस रिपाेर्ट में कहा गया है कि ट्रेनों के पटरी से उतरने की वजह से सबसे अधिक यात्रियों की मौत होती है और लोग घायल होते हैं।

रेलवे ने कानपुर के नजदीक हुए ट्रेन हादसे के बाद पिछले रेलवे ने पिछले साल छह दिसंबर को सुरक्षा पर एक कार्यबल का गठन किया था। बतादें कि उस हादसे में 151 लोगों की मौत हुई थी। सुरक्षा तंत्र में शामिल रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को मिलाकर गठित की गई समिति से पहले की दुर्घटनाओं की जांच के आंकड़ों का विश्लेषण करने को कहा गया था और उसने संभावित समाधान पर तथ्यात्मक राय विकसित की।

हाल में सौंपी गई रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि ट्रेंन हादसाआें के लिए रेलवे कर्मचारी की विफलता सबसे बड़ी वजह है। ऐसा 50 से 60 फीसदी मामलों में होता है और ट्रेनों के पटरी से उतरने की घटना में अधिकतम संख्या में लोगों की मौत होती है और लोग घायल होते हैं।

रेलवे की इस रिपाेर्ट में कहा गया है कि रिपोर्ट के अनुसार ट्रैक में गड़बड़ी और पटरी का टूटना और अपर्याप्त रख-रखाव दुर्घटना की सबसे बड़ी वजहों में शामिल है। रेल फ्रैक्चर और ‘वेल्ड’ विफलताओं की वजह से ट्रेनों के पटरी से उतरने की संख्या में वृद्धि का संज्ञान लेते हुए उसने पटरी नवीनीकरण और रेल वेल्डिंग टेक्नॉलिजी में बैकलॉग का समाधान करने की जरूरत बताई।

रिपोर्ट में मानवीय हस्तक्षेप पर कम निर्भरता के लिए टेकनॉलिजी को उन्नत बनाने की वकालत की गई है। उन्होंने कहा, ‘‘रेलों का निरीक्षण जटिल कवायद है और मानवीय फैसले पर निर्भरता कम करने के लिए इसे जितनी जल्दी हो सके स्वचालित किया जाना चाहिए।