लगातार हो रहे रेल हादसों का ISI से लिंक...

रेल पटरियों को नुकसान पहुंचाकर देश भर में ट्रेन हादसों को अंजाम देने की साजिश रचे जाने से जुड़ी बिहार पुलिस की जांच दिशा को एनआईए ने भी प्रथम दृष्टया सही माना है।

लगातार हो रहे रेल हादसों का ISI से लिंक...

रेल पटरियों को नुकसान पहुंचाकर देश भर में ट्रेन हादसों को अंजाम देने की साजिश रचे जाने से जुड़ी बिहार पुलिस की जांच दिशा को नैशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने भी प्रथम दृष्टया सही माना है। उल्लेखनीय है कि एनआईए पूर्वी चंपारण में रेलवे ट्रैक पर धमाके की कोशिश, इंदौर-पटना एक्सप्रेस डिरेलमेंट और बीते हफ्ते आंध्र प्रदेश के कोनेरू में हुए रेल हादसे की जांच कर रहा है।

बिहार पुलिस की जांच में संकेत मिले हैं कि इन हादसों में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ है। एनआईए ने भी माना है कि आईएसआई के साजिश में शामिल होने के एंगल की और ज्यादा जांच होनी जरूरी है।

एनआईए सूत्रों के मुताबिक, बिहार के मोतिहारी से गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने अफसरों की पूछताछ में अपने दावों को दोहराया है। आरोपियों ने पूर्वी चंपारण में ट्रैक को नुकसान पहुंचाने की कोशिश और कानपुर रेल डिरेलमेंट में हाथ होने की बात कबूली थी।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है कि आरोपियों द्वारा बिहार पुलिस को दी गई जानकारी और हमारी पूछताछ में मिली जानकारी में कोई फर्क नहीं मिला है। आरोपी अपने खुलासों को लेकर बेहद आश्वस्त हैं। इसके अलावा, कुछ टेक्निकल सबूत भी हैं। इससे पता चलता है कि गिरफ्तार आरोपियों की नेपाली हैंडलर बृज किशोर गिरी, दुबई में बैठे साजिश के मास्टरमाइंड शमशुल हुदा और कराची के संदिग्ध आईएसआई एजेंट शफी शेख से बातचीत हुई। इससे आईएसआई की मिलीभगत के संदेह पर और अधिक बल मिलता है।

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, बिहार पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों में से एक उमाशंकर पटेल ने हुदा और शेख, दोनों से ही बात की थी। दोनों इस साल अगस्त में दुबई में एक साथ ही थे। गिरी ने दोनों का संपर्क उमाशंकर से कराया था।

एक अधिकारी ने बताया, 'उन्होंने रेलवे ट्रैक पर आईईडी के जरिए धमाके करके भारत में ट्रेन हादसे कराने की साजिश पर चर्चा की। हालांकि, यह एक आम चर्चा थी और इसमें चंपारण या कानपुर हादसे का खास तौर पर नाम नहीं लिया गया।'