उत्तराखंड: भाजपा ने तोड़ा PM मोदी का चुनावी 'फॉर्मूला'

पीएम मोदी की ओर से चंद दिन पहले सुझाए गए ‘एक परिवार से एक प्रत्याशी’ के फॉर्मूले को भाजपा ने उत्तराखंड में तोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि बीते सोमवार को जारी हुई सूची में तो इसकी शुरूआत हो ही गई है।

उत्तराखंड: भाजपा ने तोड़ा PM मोदी का चुनावी

पीएम मोदी की ओर से चंद दिन पहले सुझाए गए ‘एक परिवार से एक प्रत्याशी’ के फॉर्मूले को भाजपा ने उत्तराखंड में तोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि बीते सोमवार को जारी हुई सूची में तो इसकी शुरूआत हो ही गई है। इस सूची में कुछ सीटों पर भाजपा में परिवारवाद और वंशवाद भी साफ झलक रहा है। जबकि अभी घोषित होनी रह गई सीटों पर भी इसे लेकर पार्टी के अंदर घमासान है। सोमवार को ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा के पाले में आए हैवीवेट नेता यशपाल आर्य को पार्टी ने बाजपुर से टिकट दिया है। जबकि उनके बेटे संजीव आर्य को नैनीताल सीट पर प्रत्याशी घोषित किया है।

वहीं पर इस मामले काे लेकर सूत्रों का कहना है कि, यशपाल ने कांग्रेस को अलविदा कहने से पहले भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष बेटे को भी टिकट दिए जाने की पुरजोर पैरवी की थी। जिसमें वे सफल भी साबित हुए हैं। इसी तरह, यमकेश्वर से सीटिंग विधायक विजया बड़थ्वाल पर पूर्व मुख्यमंत्री और गढ़वाल सांसद भुवन चंद्र खंडूरी की बेटी ऋतु खंडूरी को पार्टी ने तरजीह दी है।

राजनीति के जानकर इसे खंडूरी का चेहरा भुनाने की कोशिश के रूप में भी देख रहे हैं। कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा भी खुद के बजाय अपने बेटे सौरभ बहुगुणा को सितारगंज से टिकट दिलाने में कामयाब रहे।

रुद्रप्रयाग से भले ही पूर्व मंत्री मातबर सिंह कंडारी का टिकट कट गया हो, लेकिन पार्टी ने देवप्रयाग से उनके भतीजे विनोद कंडारी को प्रत्याशी बनाकर उन्हें संतुष्ट करने का प्रयास किया है। वहीं, धनोल्टी से केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के समधी नारायण सिंह राणा ने भी टिकट हासिल कर लिया। इसके अलावा रामनगर, विकासनगर, चकराता सीटों पर भी परिवारवाद के फार्मूले को लेकर असमंजस बना हुआ है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान जहां खुद विकासनगर और पत्नी मधु चौहान के लिए चकराता से टिकट चाहते हैं।

वहीं, चौबट्टाखाल से प्रत्याशी घोषित हो चुके सतपाल महाराज भी रामनगर से पत्नी अमृता रावत के लिए टिकट की पैरवी कर रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में मुन्ना सिंह चौहान ने भाजपा के बजाय उत्तराखंड जनवादी पार्टी से चुनाव लड़ा था। जिसमें कांग्रेस के विजयी प्रत्याशी प्रीतम सिंह के बाद मुन्ना चौहान दूसरे स्थान पर रहे थे।

तो अमृता रावत वर्ष 2012 में रामनगर से कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव जीती थी और अब भाजपा में शामिल हैं। पार्टी में परिवारवाद कुछ ज्यादा हावी होने से असंतोष न बढ़े, इसलिए भी इन सीटों पर अभी उम्मीदवार घोषित नहीं हो पा रहे हैं।