बीजेपी सरकार की मंशा मुझे गिरफ्तार करने की है: हार्दिक

हार्दिक ने कहा कि गुजरात लौटने से पहले ही बीजेपी सरकार गिरफ्तार करवा सकती है। पिछले दिनाें जयपुर में एयरपोर्ट से नजरबंद करके हार्दिक को उदयपुर पहुंचा दिया गया था।

बीजेपी सरकार की मंशा मुझे गिरफ्तार करने की है: हार्दिक

पटेल आरक्षण आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक हार्दिक पटेल का 13 जनवरी को गुजरात से निष्कासन की छह महीने की अवधि पूरी होने के दिन राजसमंद जिले की देलवाड़ा थाना पुलिस ने हार्दिक को बयान देने के लिए तलब किया। पुलिस ने शुक्रवार रात 9 बजे हार्दिक के कैंप स्थल नाकोड़ा नगर जाकर 11 लोगों काे शनिवार सुबह देलवाड़ा थाना में उपस्थित होने का नोटिस दिया। वहीं, हार्दिक पटेल का आरोप है कि सरकार की मंशा उन्हें गिरफ्तार करने की है।

पुलिस द्वारा तलब किए लोगों में मावली के पूर्व विधायक पुष्कर लाल डांगी भी शामिल हैं। पटेल के खिलाफ देलवाड़ा थाने में 20 जुलाई 2016 को धारा 383, 143 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।नेगड़िया स्थित टोल प्रबंधन ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि हार्दिक पटेल, पुष्कर डांगी समेत 11 लोग उदयपुर से नाथद्वारा की तरफ तीन कारों से जाने के दौरान टाेल प्लाजा पर टैक्स देने से इनकार कर दिया था।

साथ ही ये लोग टोल कर्मियों को मारपीट करने की धमकियां देकर बगैर टैक्स दिए चले गए थे। देलवाड़ा थानाधिकारी समीउल्ला खां का कहना है कि हार्दिक पटेल, पुष्कर लाल डांगी, विपुल पटेल, जयेंद्र पटेल, राहुल पटेल, अभय सिंह, विजय पटेल, बृजेश पटेल, धरम पटेल समेत 11 लोगों को बयान देने के लिए थाने में तलब किया गया है।

हार्दिक ने कहा कि गुजरात लौटने से पहले ही बीजेपी सरकार गिरफ्तार करवा सकती है। पिछले दिनाें जयपुर में एयरपोर्ट से नजरबंद करके हार्दिक को उदयपुर पहुंचा दिया गया था। जयपुर में कई लोग उनसे मिलने एयरपोर्ट आए थे जिनसे मिलने नहीं दिया था। हार्दिक ने बताया कि देलवाड़ा थाने में भी जानबूझ कर फर्जी केस दर्ज किया गया है।

20 जुलाई को वे जन्मदिन पर नाथद्वारा दर्शन करने गए थे। टोल नाके पर किसी भी कर्मचारी को डराया-धमकाया नहीं था। जानबूझ कर मामला दर्ज कराया गया है।

नवनिर्माण सेना के जिलाध्यक्ष गेहरी लाल डांगी ने बताया कि अहमदाबाद से वकील रफीद लोखंडवाला और दिलीप पटेल को बुलाया गया है। उदयपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र सिंह हिरन भी शनिवार को देलवाड़ा थाने जाएंगे।