बीजेपी ने बनाया है जीत का ‘सुपर प्लान’

यूपी में नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राईक के साथ-साथ हिंदुत्व और जाति कार्ड भी खेलने की तैयारी है ,बीजेपी ने बनाया है ‘सुपर प्लान’

बीजेपी ने बनाया है जीत का ‘सुपर प्लान’

बीजेपी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद ये साफ कर दिया है पार्टी विकास के मुद्दे के साथ-साथ नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे को यूपी की जनता के सामने रखेगी। लेकिन नारदा न्यूज को सूत्रों से जानकारी मिली है कि बीजेपी ने यूपी चुनाव में हिंदुत्व और जाति कार्ड खेलने का मन बना लिया है। बीजेपी चीफ अमित शाह यूपी का रण हर हाल में जीतना चाहते है। और वो हर कोशिश करने का इरादा बना चुके हैं। जिससे की जीत पक्की हो सके। यूपी  विधानसभा चुनाव में लोकसभा चुनाव की तर्ज पर ही हल विधानसभा सीट के लिए अलग रणनीति अपनाई जाएगी। विधानसभा चुनावों का ऐलान हो चुका है। सात चरणों में होने वाले चुनावों में गैर-बीजेपी पार्टियां सिर्फ एक मकसद पर तैयारियां करती दिख रही हैं जो ‘बीजेपी को रोको’ है। इसकी कई वजह भी हैं। क्योंकि बीजेपी जीत गई तो राष्ट्रपति चुनने के लिए कि मंडल की राजनीति को नई परिभाषा मिले और मुलायम सिंह यादव के ओबीसी जाति को एकत्रिकरण करने की रणनाति को धक्का लगे। भाजपा का जीतना राज्य के उन मुस्लिम वोटरों को भी झटका होगा जो सपा या बसपा को वोट देंगे। क्योंकि राज्य से पहले ही कोई मुस्लिम सांसद नहीं है।

नारदा न्यूज सूत्रों के मुताबिक बीजेपी यूपी में हिंदुत्व कार्ड खेलने का मन बना चुकी है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि बीजेपी प्रत्येक सीट के लिए अलग रणनीति तैयार करेगी। जैसे जिन 97 सीटों पर बसपा ने मुस्लिम कैंडिडेट्स को टिकट दी है उनपर पार्टी की रणनीति बाकी सीटों से अलग होगी। बीजेपी नेताओं की मानें तो वे कांग्रेस को दौड़ में देख ही नहीं रहे। उन्हें कांग्रेस-सपा-आरएलडी के संभावित गठबंधन से भी कोई खास फर्क नहीं पड़ेने वाला। फिर भी बीजेपी को जो चितां है वह इस बात की है कि मुस्लिम वोट सपा और बसपा में कैसे बांटे जाएं। वहीं अगर कांग्रेस की बात करें तो वह किसी तरह गठबंधन करके अपने आपको बचाना चाह रही है। शीला दीक्षित ने भी सपा से संभावित गंठबंधन पर बयान दिया था।वहीं अगर सपा टूटती भी है तो भी फायदा बीजेपी को होता दिख रहा है। क्योंकि भाजपा का प्लान यही रहेगा कि किसी भी तरह मुस्लिम वोटों को बांटा जाए।

वैसे तो पांच राज्यों के चुनाव बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण है लेकिन उत्तर प्रदेश के बीजेपी का खास फोकस है इसलिए राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में खास तौर पर उत्तर प्रदेश के लिए चुनावी रणनीति बनाने पर जोर दिया गया।लोक सभा चुनाव में भी बीजेपी ने सबसे ज्यादा रिकॉर्ड सीटें यूपी से ही जीती थीं ।

यूपी के जातिगत समीकरणों पर नजर डालें तो 403 विधान सभा सीटों वाले इस प्रदेश में सबसे बड़ा वोट बैंक पिछड़ा वर्ग है। प्रदेश में सवर्ण जातियां 18 प्रतिशत हैं, जिसमें ब्राह्मण 12 फीसदी हैं। पिछड़े वर्ग की संख्या 39 प्रतिशत है, जिसमें यादव 12 प्रतिशत, कुर्मी, सैथवार आठ प्रतिशत, जाट पांच प्रतिशत, मल्लाह चार प्रतिशत, विश्वकर्मा दो प्रतिशत और अन्य पिछड़ी जातियों की तादाद 7 प्रतिशत है। इसके अलावा प्रदेश में अनुसूचित जाति 25 प्रतिशत है और मुस्लिम आबादी 18 प्रतिशत है।