सरकारी स्कूलों में है सुधार की जरूरत: दिल्ली सरकार

सरकारी जमीन पर बने प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ोतरी के मसले पर सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत के बाद नर्सरी दाखिले के मामले में केजरीवाल सरकार हाईकोर्ट में मंगलवार को कोर्ट मे अक्रामक दिखी।

सरकारी स्कूलों में है सुधार की जरूरत: दिल्ली सरकार

सरकारी जमीन पर बने प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ोतरी के मसले पर सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत के बाद नर्सरी दाखिले के मामले में केजरीवाल सरकार हाईकोर्ट में मंगलवार को कोर्ट मे अक्रामक दिखी।

मीडिया रिपाेट्स के मुताबिक सरकार ने कहा कि अगर स्कूल शर्तें नहीं मानना चाहते हैं, तो स्कूल जमीन खाली करें और फिर मनमानी करना बंद करें। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को साफ कहा था कि सरकारी जमीन पर बने निजी स्कूल सरकार की मंजूरी के बगैर फीस नहीं बढ़ा सकेंगे।

वहीं पर इस मामले काे लेकर सरकार ने कहा कि हम मानते हैं कि हमारे सरकारी स्कूलाें में कुछ कमियां हैं और हम इसे बेहतर करने के लिए पूरजोर कोशिश कर रहे हैं। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि इन स्कूलों को मनमानी करने की खुली छूट दे दी जाए।

 इस मामले में एलजी का पक्ष रखने के लिए पेश हुए एडिशनल सॉलीसिटर जनरल संजय जैन ने इसके लिए हाईकोर्ट को डीटीसी बसें और कार का उदाहरण देकर समझाया। उन्होंने कहा कि डीटीसी की बसें खराब हैं, इसका मतलब यह नहीं कि हम यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कार का चालान करना बंद कर दें।

उन्होंने कहा कि सरकार होने के नाते उनकी जिम्मेदारी है कि सरकारी जमीन पर प्राइवेट स्कूलाें को नियंत्रित करें और ऐसा करने के लिए कानून में उनके पास अधिकार भी है।

सरकार ने यह दलीलें हाईकोर्ट के उन सवालों का जवाब में दिया है, जिसमें हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सरकारी स्कूलों के खास्ताहाल होने सरकार की खिंचाई की थी।

जैन ने हाईकोर्ट में फीस बढ़ोतरी के मसले पर सोमवार के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की कॉपी भी कोर्ट को दी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद इस मामले में कुछ नहीं बचा है।