दिल्ली: सत्येंद्र जैन बन सकते हैं बेनामी संपत्ति कानून के शिकार

देश में 1988 बेनामी संपत्ति कानून बन गया था। मोदी सरकार ने इस संबंध में नोटिफिकिशन जारी कर दिया है। अब लग रहा है कि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन इस कानून के तहत घेरे में आने वाले पहले व्यक्ति बन सकते हैं।

दिल्ली: सत्येंद्र जैन बन सकते हैं बेनामी संपत्ति कानून के शिकार

बेनामी संपत्ति कानून 1988 पारित

देश में 1988 बेनामी संपत्ति कानून बन गया था। मोदी सरकार ने इस संबंध में नोटिफिकिशन जारी कर दिया है। अब लग रहा है कि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन इस कानून के तहत घेरे में आने वाले पहले व्यक्ति बन सकते हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से दिल्ली की केजरीवाल सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ आयकर विभाग जांच कर रहा है।

सत्येंद्र जैन पर केस दर्ज!

अभी तक की जांच के बाद आयकर विभाग का कहना है कि सत्येंद्र जैन ने आयकर कानूनों का उल्लंघन किया है। विभाग के पास सत्येंद्र जैन के खिलाफ बेनामी संपत्ति कानून के तहत केस दर्ज करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। इसी के साथ माना जा रहा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मंत्री सत्येंद्र जैन के लिए बेनामी संपत्ति कानून के तहत पहला केस दर्ज हो सकता है। उल्लेखनीय है कि सत्येंद्र जैन उन कंपनियों से नाता तोड़ चुके हैं जिनके मार्फत वह इस केस में फंस रहे हैं। आयकर विभाग कहना है कि जब वह कंपनी में थे तब भी आयकर कानून का उल्लंघन किया गया है।

CBI करेगी जांच

आयकर विभाग बताया कि विभाग इस मामले में धनशोधन की जानकारी ईडी से साझा करेगा ताकि वह भी अपने यहां केस दर्ज कर मामले की जांच कर सकें। इतना ही नहीं मामले से जुड़े कागज सीबीआई को भी सौंपने की तैयारी है। सीबीआई पूरे मामले में भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत जांच कर सकती है।

आयकर विभाग ने माना सत्येंद्र जैन के पास बेनामी संपत्ति

आयकर विभाग के सूत्रों का कहना है कि जैन से जुड़ी कंपनियों में हवाला के रास्ते करोड़ों रुपये आए और उनसे दिल्ली के विभिन्न भागों में 200 एकड़ से ज्यादा की जमीन खरीदी गई। इन जमीनों के रजिस्ट्री के पेपरों पर सत्येंद्र जैन के फोटो तक लगे हैं। आयकर विभाग इन्हें सत्येंद्र की बेनामी संपत्ति मान रहा है। विभाग का कहना है कि अब तक की जानकारी में यह बात भी सामने आई है कि इस जानकारी को सत्येंद्र जैन ने चुनाव आयोग से भी छिपाया है। ज्ञात हो कि बेनामी संपत्ति कानून के तहत केस दर्ज होने की स्थिति में आयकर विभाग इन संपत्तियों को जब्त कर सकता है। अदालत में बेनामी संपत्ति साबित होने के बाद उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है।

बेनामी संपत्ति कानून लागू

बेनामी संपत्ति कानून संसद ने 1988 में पारित किया था। लेकिन इसे कभी लागू नहीं किया गया। पिछले दिनों मोदी सरकार ने इस कानून को लागू किया। यह तो साफ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई मंचों से साफ कहा है कि कालाधन के बाद वह बेनामी संपत्ति के खिलाफ कड़े कदम उठाने की तैयारी में हैं। इसी के तहत उन्होंने इस कानून को लागू किया है। मोदी कहा है कि पुराने कानून में कुछ बदलाव कर उसे ज्यादा धारदार बनाया गया है।