मुलायम-अखिलेश के बीच 'साइकिल' के झगड़े पर EC आज सुना सकता है फैसला

बाप-बेटे में चुनाव चिन्ह 'साइकिल' को लेकर जारी घमासान के बीच आज चुनाव आयोग अपना फैसला सुना सकता है। दोपहर 12:30 बजे आयोग अखिलेश और मुलायम खेमों के दावों पर सुनवाई करेगा।

मुलायम-अखिलेश के बीच

बाप-बेटे में चुनाव चिन्ह 'साइकिल' को लेकर जारी घमासान के बीच आज चुनाव आयोग अपना फैसला सुना सकता है। दोपहर 12:30 बजे आयोग अखिलेश और मुलायम खेमों के दावों पर सुनवाई करेगा। ज्ञात हो कि पिता मुलायम और बेटे अखिलेश खुद को असली समाजवादी पार्टी बताते हुए साइकिल पर लागातार अपनी दावेदारी कर रहे हैं।


उल्लेखनीय है कि दोनों गुट ने रणनीति पर काम करने के लिए गुरुवार को पूरे दिन कानूनी राय ली। अखिलेश गुट की ओर से इसकी जिम्‍मेदारी रामगोपाल यादव और नरेश अग्रवाल ने संभाली। वहीं, मुलायम गुट की तरफ से इसकी जिम्मेदारी अमर सिंह और शिवपाल सिंह यादव ने उठाई।


ज्ञात हो कि सपा से बाहर किए गए अखिलेश गुट के रामगोपाल यादव ने 1 जनवरी को लखनऊ में पार्टी का राष्‍ट्रीय अधिवेशन बुलाया जहां अखिलेश यादव भी मौजूद थे। इस अधिवेशन में 3 प्रस्ताव पास हुए। अधिवेशन में अखिलेश को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। रामगोपाल ने कहा अखिलेश को यह अधिकार है कि राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी, संसदीय बोर्ड और देश के सभी संगठनों का जरूरत के मुताबिक गठन करें। इस प्रस्‍ताव की सूचना चुनाव आयोग को दी जाएगी। मुलायम को समाजवादी पार्टी का संरक्षक बनाया गया और शिवपाल यादव को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया गया और अमर सिंह को पार्टी से बाहर किया गया। ज्ञात हो कि शिवपाल और अमर सिंह को लेकर अखिलेश ने कई बार विरोध दर्ज कराया था।


इस अधिवेशन के बाद पार्टी में विवाद काफी बढ़ गया। रामगोपाल के अधिवेशन के बाद 2 जनवरी को मुलायम सिंह, शिवपाल यादव, अमर सिंह और जयाप्रदा के साथ दिल्‍ली में पार्टी के चुनाव चिन्ह पर दावेदारी को लेकर चुनाव आयोग पहुंच गए और साइकिल पर अपना हक जताया। इसके बाद अखिलेश गुट भी आयोग पहुंचा। उनकी तरफ से रामगोपाल यादव 3 जनवरी को इलेक्‍शन कमीशन पहुंचे और उन्‍होंने साइकिल पर अपना दावा ठोंका। इसी विवाद को समाप्त करने के लिए आज चुनाव आयोग अपना फैसला सुना सकता है।