लड़कियों को रूढ़िवादी और पिछड़ी सोच से बचाने की जरूरत

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने स्कूली बच्चों से पूछा कि लड़कियों को किससे बचाना चाहिए तो लड़कियों ने कहा कि 'रूढ़िवादी और पिछड़ी सोच से।'

लड़कियों को रूढ़िवादी और पिछड़ी सोच से बचाने की जरूरत

राष्ट्रीय बालिका दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जब एक सरकारी स्कूल पहुंचे तो वहां बच्चों से मुलाकात कर हैरान हो गए। सिसोदिया ने वहां स्कूली बच्चों से पूछा कि लड़कियों को किससे बचाना चाहिए तो लड़कियों ने कहा कि 'रूढ़िवादी और पिछड़ी सोच से।'

सिसोदिया ने खुद ट्वीट कर जानकारी दी। सिसोदिया के मुताबिक, बच्चों का कहना है कि अगर लड़कियों को बचाना है तो समाज या देश को बदलने की जरूरत नहीं है। यह हमारे घरों के भीतर जो सोच है, उसे बदलने की जरूरत है।

मनीष ने कहा कि आज ये सभी बच्चे घर जाते वक्त अपने साथ एक नई सोच लेकर गए हैं। सोचिए, अगर दिल्ली के स्कूलों में पढ़ रहे सभी 26 लाख बच्चे अपनी आने वाली पीढ़ी की बेटियों के लिए एक सोच बना लें तो शिक्षा सफल हो जाएगी।

इस दौरान सिसोदिया ने बच्चों से महिलाओं और लड़कियों की पुरानी व आने वाली पीढ़ी के बारे में राय भी पूछी। इसके बाद डिप्टी सीएम ने कहा, यह बहुत ही दिलचस्प बातचीत थी। उपमुख्यमंत्री जब स्कूल से निकले तो वह काफी रोमांचक थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये बच्चे लड़कियों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से सोचें। सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा, मेरी योजना है कि सभी बच्चे क्रिटिकल होकर देखें कि उनके परिवार में बेटी के प्रति सोच में क्या सुधार आया है और वे इसमें क्या जोड़ेंगे।

राष्ट्रीय बालिका दिवस आज महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा मनाया जाएगा। इसके लिए एक विशेष समारोह भी आयोजित किया गया है। मंत्रालय की ओर से एक बयान में कहा गया कि ओलिंपिक और पैरालिंपिक में शानदार प्रदर्शन और एयरफोर्स में तीन महिला पायलटों को शामिल किया जाना भारत के लिए एक गर्व भरा मौका है। मंत्रालय ने ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक, पहलवान गीता फोगाट और ओलिंपिंक मेडल विजेता पीवी सिंधु का एक वीडियो मैसेज भी जारी किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस दिन के लिए शुभकामनाएं दी हैं।