बजट में चुनावी राज्यों के लिए बड़ी योजनाओं का एलान न करे सरकारः चुनाव आयोग

चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार से सोमवार देर रात कहा कि उत्तर प्रदेश समेत चार अन्य चुनाव वाले राज्यों को लेकर कोई बड़ी योजनाओं का एलान नहीं किया जाए।

बजट में चुनावी राज्यों  के लिए बड़ी योजनाओं का एलान न करे सरकारः चुनाव आयोग

अगले महीने में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बजट न पेश करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी जिसको शीर्ष अदालत ने खारिज कर दिया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार को 1 फरवरी को आम बजट पेश करने की इजाजत मिल गई है।

उधर चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार से सोमवार देर रात कहा कि उत्तर प्रदेश समेत चार अन्य चुनाव वाले राज्यों को लेकर कोई बड़ी योजनाओं का एलान नहीं किया जाए। वित्त मंत्री इन राज्यों में अचीवमेंंट की भी बजट स्पीच में चर्चा न करें। बता दें कि यूपी, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में चार फरवरी से 8 मार्च के बीच अलग-अलग फेज में मतदान होने हैं। इन चुनावों के नतीजे 11 मार्च को आएंगे।

ज्ञात हो कि विपक्षी पार्टियों ने केंद्र को बजट पेश करने से रोकने के लिए चुनाव आयोग में अपील की थी। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने भी बजट पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी। चुनाव आयोग ने अपने फैसले में सरकार को 2009 की अपनी एडवायजरी की भी याद दिलाई है, जिसमें चुनाव के पूर्व पूरे बजट की बजाय लेखानुदान मांगें या अंतरिम बजट पेश करने की परंपरा है। आयोग ने कैबिनेट सेक्रेटरी पीके सिन्हा से कहा है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए पांचों चुनावी राज्यों से जुड़ी किसी भी योजना की घोषणा न किया जाए, जिससे इन राज्यों के मतदाताओं के प्रभावित होने की संभावना हो।

विपक्ष मांग कर रहा था कि एक फरवरी को पेश होने वाले आम बजट को आगे के लिए टाल दिया जाए। विपक्ष का आरोप था कि केंद्र की बीजेपी सरकार आम बजट का इस्तेमाल अपने चुनावी फायदों के लिए कर सकती है।

उधर संसद के बजट सत्र के पहले 30 जनवरी को सरकार और लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने बेहतर ढंग से कामकाज के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है।