यूपी चुनाव: अखिलेश के लिए सीएम की उम्मीदवारी छोड़ने को तैयार हूं- शीला दीक्षित

शीला के इस बयान के बाद से अखिलेश और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की संभावना बढ़ गई है।

यूपी चुनाव: अखिलेश के लिए सीएम की उम्मीदवारी छोड़ने को तैयार हूं- शीला दीक्षित

यूपी में चुनावी बिगुल बज चुका है और इसी बीच कांग्रेस की सीएम उम्मीदवार ने ये कहकर सबको चौका दिया है कि अखिलेश यादव उनसे बेहतर सीएम साबित होंगे। ANI से बातचीत में दिल्ली की पूर्व शीला दीक्षित ने कहा है कि अखिलेश यादव उनसे बेहतर सीएम साबित होंगे । अगर उनको (शीला दीक्षित) को अखिलेश के लिए सीएम की उम्मीदवारी छोड़नी हो तो उन्हे कोई दिक्कत नहीं होगी। साथ ही शीला दीक्षित ने ये भी कहा है कि कांग्रेस के किसी नेता ने सपा से किसी तरह के गठबंधन की बात उनसे नहीं की है। शीला के बयान के बाद से अखिलेश और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की संभावना बढ़ गई है। अखिलेश यादव और कांग्रेस के एक साथ मिलकर चुनाव लड़ने की बात काफी समय से हो रही है। बीच में खबर ये आई थी की सपा और कांग्रेस में गठबंधन हो गया है। हांलाकि सपा में चल रही आपसी लड़ाई के बीच ये बात दब गई थी।  करीब करीब साफ हो चुका है कि अखिलेश यादव अपने पिता मुलायम सिंह से अलग होकर चुनाव लड़ेंगे। तो अखिलेश खेमा और कांग्रेस के बीच एलायंस में कोई दिक्कत नहीं दिख रही है।  सपा के वरिष्ठ नेता नरेश अग्रवाल ने पिछले महीने नारदा न्यूज से खास बातचीत में कांग्रेस के साथ गठबंधन की बात कही थी। नरेश अग्रवाल अखिलेश खेमे से आते है। अब शीला दीक्षित के बयान के बाद गठबंधन की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

उधर लखनऊ में समाजवादी पार्टी के सूत्रों का कहना है कि मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के बीच सुलह कराने की कोशिशें लगभग नाकाम हो गई हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता और सरकार में मंत्री आजम खान यह कोशिशें कर रहे थे. अब पार्टी के सूत्रों का कहना है कि दोनों ही दल चुनाव में अलग-अलग उतरेगा. यानी यह साफ है कि पार्टी में दो फाड़ हो गया है.

कहा जा रहा है कि अखिलेश यादव द्वारा पेश की गई शर्तों को मुलायम सिंह यादव खेमा मानने को तैयार नहीं हुआ है. यहां तक कि दोनों खेमा अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े रहे. मुलायम सिंह यादव का मानना है कि अखिलेश की शर्तों को मानने का मतलब है कि पार्टी में उनकी कोई भूमिका नहीं रह जाएगी. उधर, पार्टी सूत्रों का कहना है कि आजम खान ने अभी भी हार नहीं मानी है, वे दोनों को मनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं.

इससे पहले आज शिवपाल यादव और आजम खान ने मुलायम सिंह यादव से उनके घर जाकर मुलाकात की. मंगलवार को दिन में और फिर रात लखनऊ में मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की बातचीत हुई जो बेनतीजा रही थी. इसमें कोई फॉर्मुला नहीं निकल सका था. मुलायम और अखिलेश की इस बैठक में चाचा शिवपाल भी मौजूद थे. इस बीच रामगोपाल यादव ने दिल्ली में चुनाव आयोग के साथ बैठक के बाद कहा कि कोई समझौता होने नहीं जा रहा. हम अखिलेश यादव की अध्यक्षता में चुनाव लड़ने जा रहे हैं।