महात्मा गांधी पर दिए विवादित बयान को तूल पकड़ता देख अनिल बिज ने मांगी माफी

हरियाणा के कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने राष्ट्रपिता महात्मा को लेकर जो विवादित बयान दिया था उसे वापिस ले लिया है। अनिल विज ने कहा कि खादी गांधी के नाम से पेटेंट नहीं है और खादी के साथ गांधी का नाम जुड़ने से खादी उठने की जगह डूब गई। विज ने खादी के लिए मोदी को बेटर ब्रांड नेम बताया। लेकिन अब उन्होंने ट्वीट के जरिए अपने इस बेतुके बयान के लिए माफी मांगी है।

महात्मा गांधी पर दिए विवादित बयान को तूल पकड़ता देख अनिल बिज ने मांगी माफी

खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के कैलेंडर पर महात्मा गांधी की जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो छापे जाने का विवाद दिनोदिन गहराता जा रहा है। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग ने जहां इसपर सफाई दी है कि पहले भी कैलेंडर पर महात्‍मा गांधी की तस्‍वीर कई बार नहीं छपी है।

हरियाणा के कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने राष्ट्रपिता महात्मा को लेकर जो विवादित बयान दिया था उसे वापिस ले लिया है। अनिल विज ने कहा कि खादी गांधी के नाम से पेटेंट नहीं है और खादी के साथ गांधी का नाम जुड़ने से खादी उठने की जगह डूब गई। विज ने खादी के लिए मोदी को बेटर ब्रांड नेम बताया। लेकिन अब उन्होंने ट्वीट के जरिए अपने इस बेतुके बयान के लिए माफी मांगी है।

https://twitter.com/anilvijminister/status/820183817155510272

बता दें, हरियाणा में पत्रकारों से बातचीत में अनिल विज ने कहा था कि खादी गांधी के नाम से पेटेंट नहीं है और खादी के साथ गांधी का नाम जुड़ने से खादी उठने की जगह डूब गई। विज ने खादी के लिए मोदी को बेटर ब्रांड नेम बताया।

विज ने कहा था कि मोदी की तस्वीर कैलेंडर में छपते ही खादी की बिक्री में 14 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। साथ ही उन्होंने कहा था कि खादी के साथ गांधी का नाम जुड़ने से खादी डूब गई है। विज यहीं शांत नहीं हुए उन्होंने कहा कि अभी तो गांधी खादी से हटे हैं धीरे-धीरे उनकी तस्वीर नोटों से भी हटेगी। उन्होंने ये भी कहा था कि महात्मा गांधी ऐसा नाम है, जिस दिन से नोट पर चिपका है उसी दिन से ही डीवैल्युएशन (रुपए में गिरावट) शुरू हो गई है। विज के इस बयान के बाद अब घमासान मचना लाज़मी था। फिलहाल मामले को तूल पकड़ता देख विज ने माफी मांग ली है।

वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी विज के बयान से किनारा करते हुए कहा कि ये उनका निजी बयान है। पार्टी का इससे कोई मतलब नहीं है. गांधी देश के आदर्श हैं। गांधीजी के कारण रुपये में गिरावट नहीं आई. मोदीजी ने चरखा चलाया वो खादी के प्रमोशन के लिए हूं. ये प्रतीक के रूप में है, इसका मतलब ये नहीं कि कोई गांधीजी को रिप्लेस कर रहा है।