जवानों को दिए जाने वाला खाना : HC ने गृह मंत्रालय और बीएसएफ से मांगा जवाब

पैरा मिलिट्री फोर्सेस के जवानों को परोसे जाने वाले खाने को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली उच्च न्यायालय ने गृह मंत्रालय और बीएसएफ से जवाब मांगा है।

जवानों को दिए जाने वाला खाना : HC ने गृह मंत्रालय और बीएसएफ से मांगा जवाब

पैरा मिलिट्री फोर्सेस के जवानों को परोसे जाने वाले खाने को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली उच्च न्यायालय ने गृह मंत्रालय और बीएसएफ से जवाब मांगा है। कोर्ट ने BSF को यह भी आदेश दिया है कि वह उसके सामने जांच रिपोर्ट जमा करे और यह बताए कि उन्होंने BSF के जवान तेज बहादुर यादव की तरफ से लगाए आरोपों को लेकर क्या कदम उठाए हैं।


मीडिया रिपाेर्ट के मुताबिक चीफ जस्टिस जी रोहिणी और जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल ने जवानों को दिए जाने वाले खाने की कथित खराब क्वालिटी पर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF), सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF), सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), सशस्त्र सीमा बल (SSB) और असम रायफल्स से भी अपना रुख बताने को कहा है। बेंच ने कहा, प्रतिवादी दो (BSF) इस बारे में पहले ही कदम उठा चुका है। हम उनकी रिपोर्ट देखना चाहेंगे।


आपके पास जो भी रिपोर्ट है, उसे सुनवाई की अगली तारीख 27 फरवरी को अदालत के सामने पेश किया जाए। BSF की ओर से पेश हुए वकील गौरांग कंठ ने कोर्ट को इनफॉर्म किया कि BSF ने पहले ही घटना के तुरंत बाद जांच कर ली है जिसके बाद कोर्ट ने यह ऑर्डर दिया। कंठ ने कहा, सब चीजें सुचारू हैं। जैसा कि यादव ने आरोप लगाया है, हमें ऐसा कुछ नहीं मिला। हालांकि हम मामले की और जांच कर रहे हैं। पिटीशनर ने मांग की कि यादव के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिए जाने का निर्देश दिया जाए लेकिन बेंच ने इस बारे में कोई ऑर्डर जारी करने से इनकार कर दिया और कहा, हम इस बारे में आर्डर नहीं दे सकते।




क्या है मामला?

BSF के जवान तेज बहादुर यादव ने अधिकारियों के बीच करप्शन और काम करने के लिए खराब स्थितियों का दावा करते हुए फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया था जिसे लेकर केंद्र सरकार के पूर्व कर्मचारी पूर्ण चंद आर्य ने यह पिटिशन दर्ज कराई है। जनहित याचिका में मांग की गई है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में लगाए गए BSF के जवान के आरोपों के मद्देनजर होम मिनिस्ट्री को भारत में सभी पैरा मिलिट्री फोर्सेस के बारे में स्टेट्स रिपोर्ट जमा करने का ऑर्डर दिया जाए।


वकील अभिषेक कुमार चौधरी के जरिए दायर जनहित याचिका में समता (अनुच्छेद 14) और जीवन (अनुच्छेद 21) के मौलिक अधिकारों का जिक्र करते हुए जवानों को दिए जाने वाले खाने की खराब क्वालिटी के आरोपों को रेखांकित किया गया है। इस पिटिशन में इस घटना पर एक्शन लेने की मांग की गई है ताकि फोर्सेस का मनोबल प्रभावित नहीं हो। इसमें राशन की खरीदारी, भोजन की तैयारी और अधिकारियों की अलग-अलग कैटेगरी को परोसे जाने वाले खाने पर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।