मैंने बहुत कोशिश की लेकिन अखिलेश मेरी नहीं सुनता: मुलायम

मुलायम सिंह यादव सोमवार को सुबह पार्टी कार्यकर्ताओं से मिले। कुछ कार्यकर्ता ने रोते हुए कहा कि- नेताजी पार्टी बचा लीजिए। इस पर मुलायम ने जवाब दिया कि मैंने बहुत कोशिश की है, लेकिन अखिलेश मेरी नहीं सुनता है।

मैंने बहुत कोशिश की लेकिन अखिलेश मेरी नहीं सुनता: मुलायम

समाजवादी पार्टी में पारिवारिक सियासी घमासान से लगभग पार्टी में फूट तय है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार को चुनाव आयोग पार्टी के सिंबल पर भी अपना फैसला सुना सकता है। मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की ओर से पार्टी के सिंबल पर दावा करते हुए अलग-अलग याचिका दायर की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बीच मुलायम सोमवार को सुबह पार्टी कार्यकर्ताओं से मिले। कुछ कार्यकर्ता ने रोते हुए कहा कि- नेताजी पार्टी बचा लीजिए। इस पर मुलायम ने जवाब दिया कि मैंने बहुत कोशिश की है, लेकिन अखिलेश मेरी नहीं सुनता है।

मुलायम ने कहा कि मैंने अपनी तरफ से हर कोशिश की है, अपना पक्ष रख दिया है। मैंने कई कोशिशे की है 3 बार अखिलेश को बुलाया, लेकिन मुझे बिना सुने उठकर चला गया। चुनाव आयोग जो फैसला करेगा स्वीकार होगा।

मेरा बेटा दूसरे के हाथों खेल रहा है- मुलायम

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुलायम सिंह ने कहा कि मेरा बेटा दूसरे के हाथों में खेल रहा है, राम गोपाल के इशारे पर काम कर रहा है। आप से अपील है की आप मेरा साथ दें। जनता के बीच संदेश गया हैं कि अखिलेश मुसलमान विरोधी है, उनके प्रत्याशियों की सूची में मुस्लमान कम है।

उन्होंने कहा कि अखिलेश को कई बार बुलाया लेकिन नहीं आया। जब बीबी- बच्चों की कसम दी तो मिलने आया और एक मिनट मिलकर चला गया। रामगोपाल ने पार्टी को बर्बाद करने में कोई कसर नही छोड़ी सिंबल पर फैसला आज आएगा।