IIT-NIT की सीटें छोड़ने पर छात्रों को देनी होगी पेनल्टी

अगर कोई छात्र IIT-NIT आवेदन करने के बाद कोर्स छोड़कर जाता है तो उसे सीट के लिए दी गई फीस का 50 प्रतिशत हिस्सा पेनल्टी के रूप में देना होगा।

IIT-NIT की सीटें छोड़ने पर छात्रों को देनी होगी पेनल्टी

इंजीनियरिंग संस्थानों में एडमिशन लेकर सीट छोड़ी तो छात्रों को 50 फीसदी पेनल्टी देनी होगी। हर साल इन संस्थानों में हजारों सीटें खाली रह जाती हैं। IIT और NIT में खाली सीटों की संख्या में बढ़ोतरी के बाद कुछ अहम सुझाव दिए गए हैं। मानव संसाधन मंत्रालय ने इस समस्या को सुलझाने के लिए तीन महीने पहले एक तीन सदस्यीय पैनल तैयार किया था।

पैनल ने सुझाव दिए हैं कि तकनीकी कॉलेजों में अप्रचलित कोर्सेज को बंद कर दिया जाए या फिर इनकी सीटें कम कर दी जाएं। पैनल ने एडमिशन लेने के बाद कोर्स ना ज्वाइन करने पर पेनल्टी लगाने का भी सुझाव दिया है। अगर कोई भी छात्र आवेदन करने के बाद कोर्स छोड़कर जाता है तो उसे सीट के लिए दी गई फीस का 50 प्रतिशत हिस्सा पेनल्टी के रूप में देना होगा।

3 सदस्यीय पैनल की अध्यक्षता आईआईटी खड़गपुर के डायरेक्टर पार्थ प्रतीम चक्रवर्ती ने की। इस सेशन में लगातार 6 काउंसलिंग होने के बाद भी देशभर की आईआईटी और एनआईटी में करीब 3000 हजार सीटें खाली बच गई थीं। इसमें से आईआईटी में 73 सीटें खाली बच गई थीं और एनआईटी में करीब 1,518 सीटें खाली रही थी। इस पैनल ने अपनी रिपोर्ट में बताया गया है कि देशभर के 31 एनआईटी में 1500 से ज्यादा सीटें खाली रह गई थीं। इसमें से एनआईटी सूरत में 115 और जालंधर में 110 सीटें खाली हैं।

आईआईटी और इंजीनियरिंग कॉलेज में होने वाले कैंपस प्लेसमेंट के हिसाब से कुछ कोर्सेज में छात्रों की रुचि बिलकुल नहीं है। ये कोर्सेज ऐसे हैं, जिनमें स्टूडेंट्स को अच्छे पैकेज वाली नौकरी नहीं मिलती। इन कोर्सेज में कम स्कोप है। आईआईटी में फार्मेसी, पल्प एंड पेपर इंजीनियरिंग, ओशियन इंजीनियरिंग, प्रोसेस इंजीनियरिंग विद एमबीए, मिनरल इंजीनियरिंग विद एमबीए, पेट्रोलियम इंजीनियरिंग, माइनिंग इंजीनियरिंग में स्टूडेंट्स की कम रुचि देखी गई है।