भारत और पुर्तगाल के बीच रक्षा और अन्य छह द्विपक्षीय समझाेता हुआ

भारत और पुर्तगाल के बीच रक्षा एवं सुरक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवीकरणीय ऊर्जा समेत विविध क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी का विस्तार करने के लिए आज सात संधियां की तथा दोनों ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी की सूची में डालने के संयुक्त राष्ट्र में भारत द्वारा उठाये गए कदम में अड़चन डालने को लेकर चीन पर परोक्ष प्रहार किया।

भारत और पुर्तगाल के बीच रक्षा और अन्य छह द्विपक्षीय समझाेता हुआ

भारत और पुर्तगाल के बीच रक्षा एवं सुरक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवीकरणीय ऊर्जा समेत विविध क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी का विस्तार करने के लिए आज सात संधियां की तथा दोनों ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी की सूची में डालने के संयुक्त राष्ट्र में भारत द्वारा उठाये गए कदम में अड़चन डालने को लेकर चीन पर परोक्ष प्रहार किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पुर्तगाली समकक्ष एंटोनियो कोस्टा के बीच हुई व्यापक वार्ता में संबंधों को गहरा बनाने पर सहमति बनाई एवं दोनों पक्षों ने आतंकी नेटवर्क और उसके प्रश्रयदाता राष्ट्रों के खिलाफ वैश्विक कार्रवाई का आह्वान किया। दोनों पक्षों ने इस बात पर बल दिया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के विषय पर दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए।

मीडिया रिपाेर्ट के मुताबिक मोदी ने एक बयान जारी कर कहा कि उन्होंने और कोस्टा ने हिंसा एवं आतंक के तेजी से फैलते खतरे के खिलाफ वैश्विक समुदाय द्वारा दृढ एवं तत्काल कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता पर चर्चा की।

वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान कहता है, ‘‘आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका के महत्व को पहचानते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से 1267 संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति में उल्लिखित उपायों का प्रभावी तरीके से लागू करने का अनुरोध किया।’’
तीस दिसंबर को चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति में पाकिस्तान स्थित अजहर को वैश्विक आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध करने के भारत के कदम में अड़ंगा लगा दिया था। इस 15 सदस्यीय समिति में चीन ही एकमात्र ऐसा देश था जिसने इस कदम का विरोध किया था। संयुक्त बयान में कहा गया है कि भारत और पुर्तगाल बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की भावना से आतंकवाद का मुकाबला करने में सहयोग को मजबूत करने का आह्वान करते हैं। दोनों पक्ष इस बात पर बल देते हैं कि देशों को गैर सरकारी तत्वों समेत किसी भी आतंकी निकाय का समर्थन नहीं करना चाहिए।

दोनों नेताओं ने आतंकवादियों के पनाहगाहों, बुनियादी ढांचों का सफाया करने, उनके नेटवर्क एवं वित्तपोषण के रास्ते में बाधा खड़ी करने का आह्वान भी किया तथा संयुक्त राष्ट्र द्वारा समग्र अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद संधि को अंगीकार करने की मांग की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोस्टा के साथ उनकी बातचीत में भारत-पुर्तगाल संबंधों के विभिन्न विषय शामिल थे। कोस्टा ने गोवा में अपने मूल को याद किया। मोदी ने मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था तथा परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारतीय की सदस्यता के वास्ते पुर्तगाल के समर्थन को लेकर कोस्टा को धन्यवाद दिया।