एक हफ्ते में भारत ने किया अग्नी मिसाईल का सफल परिक्षण

भारतीय सेना ने आज 4 हजार किलोमीटर तक मार कर सकने वाली मिसाइल, अग्नि-4 का कामयाब परीक्षण किया गया। यह महज एक हफ्ते में भारत ने दो अग्नि मिसाइलों का सफल पिरक्षण किया। दूसरी अग्नि 5 जो 5 हजार से ज्यादा दूरी तक वार कर सकती है।

एक हफ्ते में भारत ने किया अग्नी मिसाईल का सफल परिक्षण

भारतीय सेना ने आज 4 हजार किलोमीटर तक मार कर सकने वाली मिसाइल, अग्नि-4 का कामयाब परीक्षण किया गया। यह महज एक हफ्ते में भारत ने दो अग्नि मिसाइलों का सफल पिरक्षण किया। पहली मिसाइल अग्नि 4 है जो चार हजार किलोमीटर की दूरी तक वार कर सकती है तो दूसरी अग्नि 5 जो 5 हजार से ज्यादा दूरी तक वार कर सकती है।

अग्नि 4 की बात करें तो इसकी ज़द में पेशावर, इस्लामाबाद, कराची और क्वेटा सहित पूरा पाकिस्तान है, कमोबेश यही हाल चीन का भी है, बीजिंग और शंघाई सहित करीब-करीब सभी बड़े शहर अग्नि 4 की पहुंच में है।

ठीक एक हफ्ते पहले यानी पिछले सोमवार को अग्नि-5 मिसाइल का भी परीक्षण किया गया था। अग्नि चार जहां 4 हजार किलोमीटर तक मार करने में सक्षम हैं वहीं अग्नि 5 की रेंज पांच हज़ार किलोमीटर है। ये दोनों मिसाइल परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम हैं।

अग्नि-4 की सबसे खास बात है कि इसमें 5 वीं पीढ़ी के कंप्यूटर लगे हैं। मिसाइल की उड़ान के दौरान आने वाली खामियों को ये मिसाइल खुद ब खुद ठीक कर सकती है।

अग्नि सीरीज के सभी मिसाइलों को डीआरडीओ ने तैयार किया है. इस से पहले डीआरडीओ 700 किलोमीटर तक मार करने वाली अग्नि-1, 2 हजार किलोमीटर तक मार करने वाली अग्नि-2 और 2500 किलोमीटर तक मार करने वाली अग्नि-3 मिसाइलें भारतीय सेना को सौंप चुका है।

डीआरडीओ, अब अग्नि- 6 को विकसित करने में जुटा है, ये मिसाइल कई वॉर हेड्स को एक साथ ले जाने में सक्षम होगा साथ ही दुश्मन के रक्षा तंत्र को मात देने में सटीक होगा।

अगर बात पाकिस्तान की करें तो भारत के मिसाइल रेंज के सामने पाकिस्तान कहीं नहीं टिकता. पाकिस्तान की शाहीन-1 मिसाइल की रेंज 700 किलोमीटर है, शाहीन-2 मिसाइल की रेंज 2 हजार किलोमीटर है, वहीं शाहीन-3 मिसाइल की रेंज 2,750 किलोमीटर है।

हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान अभी तैमूर नाम की मिसाइल तैयार करने में जुटा है जिसकी मारक क्षमता 5 हजार किलोमीटर होगी। अग्नि-4 और अग्नि-5 के सफल परीक्षण के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच मिसाइल ताकत का फासला और बढ़ गया है जिसे हाल फिलहाल कम कर पाना पाकिस्तान के बस की बात नहीं लगती।