नाभा जेल से भागे अपराधियों को पकड़ने में इंदौर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

पंजाब की जेल से भागने वाले अपराधी कुलप्रीत सिंह देवल उर्फ नीटा और सुनील कालरा को पकड़ने में इंदौर पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। यो दोनों अपराधी करीब डेढ-दो महिने से यहां नाम बदलकर रह रहे थे...

नाभा जेल से भागे अपराधियों को पकड़ने में इंदौर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

पंजाब की जेल से भागने वाले अपराधी कुलप्रीत सिंह देवल उर्फ नीटा और सुनील कालरा को पकड़ने में इंदौर पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। यो दोनों अपराधी करीब डेढ-दो महिने से नाम बदलकर रह रहे थे। जिस बिल्डिंग में दोनों अपराधी रह रहे थे उसी बिल्डिंग में रहने वाले एक व्यक्ति ने नीटा को पहचान लिया जिसके बाद उसने इस बात की जानकारी पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस ने दबिश देकर दोनों कोनिरवाना एम्पायर बिल्डिंग के फ्लैट नंबर 202 से गिरफ्तार किया गया है।

बता दें कि पुलिस ने दोनों अपराधियों के पास से मोबाइल, लैपटाप, हजार रुपये नगद और कई तरह के सामान बरामद किए है। फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। इंदौर पुलिस ने नीटा और शैल्ला की गिरफ्तारी की जानकारी पंजाब पुलिस को दी। आरोपी कुलप्रीत सिंह देवल उर्फ नीटा पंजाब में बड़ी-बड़ी आपराधिक गैंग को संचालित कर रहा था। वह डकैती जैसे संगीन अपराधों में संलिप्त रहा है। में नाभा जेल से जालंधर कोर्ट जाते वक्त पंजाब के गैंगस्टर सूखा कहलावन की पुलिस अभिरक्षा में हत्या करने के मामले में भी नीटा की मुख्य भूमिका थी

वहीं सारे अपराधों को अंजाम देने के बाद नीटा दुबई भाग गया था। उसके बाद वह जनवरी में भारत वापस आया तब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा। लेकिन नवम्बर में नीटा नाभा जेल से अपने साथियों हरमिन्दर सिंह उर्फ मिन्टू गुरप्रीत सिंह सैखन अमनदीप सिंह उर्फ धौतियान कद्गमीरा सिंह के साथ जेल तोड़कर फरार हो गए था। पंजाब सरकार ने नीटा पर लाख रुपये के इनाम घोषणा की थी।

गौरतलब है कि उसका साथी सुनील कालरा उर्फ शैल्ला भी बहुत शातिर अपराधी है। वह ज्यादातर महिलाओं को अपना निशाना बनाता था। शैल्ला ने लुधियाना की रहने वाली शिवानी गुप्ता हत्याकाण्ड का मुख्य आरोपी है। शैल्ला ने शिवानी नाम की महिला से दोस्ती का ड्रामा कर उसके घर से लाख रुपये नगद और ज्वैलरी लूटकर जहर देकर उसकी हत्या कर दी थी। उसके बाद शैल्ला ने शिवानी का शव नाले में फेंक दिया था। इस अपराध के लिए शैल्ला को आजीवन कारावास से दन्डित किया गया था।लेकिन शैल्ला पैरोल से फरार हो गया था।