1999 में इंडियन एयरलाइंस को हाईजैक कराने में पाक ने दिया था ISI का साथ: अजीत डोभाल

पाकिस्तान का एक और नापाक चेहरा सामने आया है। सन् 1999 में इंडियन एयरलाइंस के जिस प्‍लेन को हाइजैक किया गया था, उसके हाइजैकर्स को पाकिस्‍तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने पूरी तरह समर्थन दिया था...

1999 में इंडियन एयरलाइंस को  हाईजैक कराने में पाक ने दिया था ISI का साथ: अजीत डोभाल

पाकिस्तान का एक और नापाक चेहरा सामने आया है। सन् 1999 में इंडियन एयरलाइंस के जिस प्‍लेन को हाइजैक किया गया था, उसके हाइजैकर्स को पाकिस्‍तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने पूरी तरह समर्थन दिया था। राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने इस बात की जानकारी दी है। उन्‍होंने बताया कि आईएसआई के समर्थन की वजह से ही बंधक संकट काफी लंबे वक्‍त तक खींचा।

बता दें कि इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 को तब हाइजैक कर लिया गया था जब वह काठमांडो से दिल्‍ली के लिए रवाना हुई थी। हाइजैक करने के बाद इसे अफगानिस्‍तान के कंधार ले जाया गया था। इस संकट को खत्‍म करने और बंधकों को छुड़ाने के लिए बातचीत करने वालों में डोभाल भी शामिल थे। इस घटना के बारे में पूर्व इंडिया ब्‍यूरो चीफ मायरा मैकडॉनल्‍ड ने 'डिफीट इज ऐन ऑर्फन: हाउ पाकिस्‍तान लॉस्‍ट द ग्रेट साउथ एशियन वॉर' नाम से एक किताब लिखी है। डोभाल के कॉमेंट्स इसी किताब का हिस्‍सा हैं।

गौरतलब है कि डोभाल ने बताया कि अगर तालिबान हाइजैकर्स को आईएसआई का समर्थन नहीं होता तो भारत ने इस संकट का समाधान कर लिया होता। उन्‍होंने कहा, 'कंधार में विमान के पास बहुत से तालिबान आतंकी थे और उनके पास हथियार थे।' जब आतंकियों से बातचीत करने वाली टीम मौके पर पहुंची तो उसे एक अन्‍य चीज के बारे में पता चला। यह चीज थी मामले में आईएसआई की दखलअंदाजी।

वहीं डोभाल ने कहा कि विमान के पास आईएसआई के दो लोग खड़े थे। जल्‍द ही कई और वहां आ गए। उनमें से एक लेफ्टिनेंट कर्नल और दूसरा मेजर था। उन्‍होंने पाकिस्‍तान में काम करते हुए कई साल बिताए थे। चीजें तब और खराब हो गईं जब भारतीय अधिकारियों को मालूम हुआ कि हाइजैकर्स सीधे आईएसआई अधिकारियों से बात कर रहे थे। वहां पर जो कुछ भी हो रहा था, उसके बारे में हमें जानकारी मिल रही थी। अगर इन लोगों को आईएसआई की तरफ से प्रत्‍यक्ष सपॉर्ट नहीं मिल रहा होता तो हमने बंधक संकट को खत्‍म कर दिया होता।