जयपुरः 'पद्मावती' के सेट पर भंसाली से बदसलूकी, इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप

संजय लीला भंसाली की आने वाली फिल्म पद्मावती को लेकर लोग उसका पहले से ही विरोध कर रहे हैं। इस विरोध का असली रूप जयपुर में शूटिंग के दौरान हुए हंगामें में साफ दिखाई दिया...

जयपुरः

संजय लीला भंसाली की आने वाली फिल्म पद्मावती को लेकर लोग उसका पहले से ही विरोध कर रहे हैं। इस विरोध का असली रूप जयपुर में शूटिंग के दौरान हुए हंगामें में साफ दिखाई दिया। दरअसल सजय यहा अपनी फिल्म के कुछ खास सीन को शूट कर रहे थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने भंसाली को शूटिंग करने से रोका और उनके साथ बदसलूकी की। विरोधियों ने भंसाली को थप्पड़ मारा और उनके बाल भी खीचें। शूटिंग के दौरान ये हंगामा करणी सेना ने किया उनका कहना है कि भंसाली अपनी फिल्म 'पद्मावती' में इतिहास से जुड़े तथ्यों के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। विरोध के दौरान फोर्ट के अंदर शूटिंग इंस्ट्रूमेंट्स की तोड़फोड़ की गई। जिसकी वजह से भंसाली को शूटिंग रोकनी पड़ी। इसके बाद भंसाली ने कहा कि शूटिंग के दौरान हमें अपमान का भी सामना करना पड़ता है। हंगामे के दौरान वहां अफरातफरी मच गई। लेकिन मौके पर पहुंचकर पुलिस ने मामले को संभल लिया।

इसी समूह ने किया था जोधा-अकबर का विरोध

बता दें कि फिल्म पद्मावती में रानी पद्मावती की छवि और इतिहास के तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। इसी करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने एकता कपूर के सीरियल जोधा-अकबर का भी भारी विरोध किया था। करणी सेना का आरोप था कि सीरियल में भी इतिहास को तोड़-मरोड़ कर जोधा को गलत तरीके से पेश किया गया था।

कौन थीं रानी पद्मावती?

गौरतलब है कि रानी पद्मावती को पद्मिनी के नाम से भी जाना जाता था। पद्मावती चित्तौड़गढ़ की रानी और राजा रतनसिंह की पत्नी थीं। इन्हें बेहद खूबसूरत माना जाता था। कहा जाता है कि खिलजी वंश का शासक अलाउद्दीन खिलजी पद्मावती को पाना चाहता था। ऐसा माना जा रहा है कि बाजीराव मस्तानी की तरह इस फिल्म में भी खिलजी और पद्मावती को सेंटर में रखकर कहानी को बुना जा रहा है।

क्या कहा करणी सेना ने?

साथ ही राजपूत करणी सेना के लीडर लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि जिस रानी ने देश और कुल की मर्यादा के लिए 16 हजार रानियों के साथ जौहर कर लिया था, उसे इस फिल्म में खिलजी की प्रेमिका के रूप में दिखाना बेहद आपत्तिजनक है। इस पूरी कहानी को ही ग्लैमराइज करके दिखाना हमारी संस्कृति पर तमाचा है। हम चुप नहीं रहेंगे। ये फिल्मकार क्रिएटिविटी के नाम पर हमारे इतिहास के साथ कुछ भी कर दें और हम चुप बैठें, ये कैसे हो सकता है? ये फिल्म बननी नहीं चाहिए। करणी सेना ने कहा कि चेतावनी के बाद भी भंसाली ने विवादित पार्ट नहीं हटाए तो बुरे नतीजे भुगतने होंगे।