झारखंड: रघुवर सरकार ने राज्य कर्मियों को दिया सातवें वेतन का तोहफा

झारखंड सरकार ने अपने राज्य कर्मीयाें काे सतवां वेकन देने का एेलान कर दिया है। राज्य के कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ जनवरी 2016 से मिलेगा। जनवरी से दिसंबर 2016 तक के बकाया का भुगतान दो सालों में किया जायेगा।

झारखंड: रघुवर सरकार ने राज्य कर्मियों को दिया सातवें वेतन का तोहफा

राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मियों की तरह सातवें वेतनमान का लाभ देने का फैसला लिया है। बीते सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लग गयी। राज्य के कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ जनवरी 2016 से मिलेगा। जनवरी से दिसंबर 2016 तक के बकाया का भुगतान दो सालों में किया जायेगा। जनवरी 2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मियों की पेंशन के बकाया का भुगतान एक ही किस्त में होगा। मार्च 2018 से पहले सेवानिवृत होनेवालों को बकाया का भुगतान सेवानिवृत्ति के समय कर दिया जायेगा।


फिटमेंट कमेटी की कुछ अनुशंसा अस्वीकार

 राज्य के कर्मचारियों को सातवां वेतनमान देने से सालाना कुल 2500 करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ पड़ेगा। इनमें 1800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार कार्यरत कर्मचारी और 700 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पेंशन भुगतान मद में पड़ेगा। कैबिनेट ने फिटमेंट कमेटी की अनुशंसा के अध्याय तीन और चार को अस्वीकार कर दिया है। इन अध्यायों में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का वेतनमान इंट्री लेबल पर आइएएस अफसरों के समान करने की अनुशंसा की गयी थी। कैबिनेट ने इसे यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि यह फिटमेंट कमेटी के दायरे में नहीं था।


एक जनवरी 2016 से देय नये वेतनमान पर महंगाई भत्ता शून्य होगा। केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को जुलाई 2016 से दो प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया है। इस वजह से राज्य के कर्मचारियों को भी उसी तिथि से दो प्रतिशत महंगाई भत्ता देय होगा।


वर्तमान मूल वेतन  में ग्रेड पे को जोड़ कर उसे 2.57 से गुना करना है। इससे मिलनेवाला परिणाम  नया वेतनमान होगा।


वर्तमान वेतनमान व सातवें वेतनमान

का तुलनात्मक ब्योरा  (इंट्री लेबल)

वर्तमान वेतनमान ग्रेड पे सातवां वेतनमान

5200-20200 1650/1800 18,000

9300-34800 4200 35,400

15,600-39,100 5400 56,100

37,400-67000 10,000 1,44,200


किस वर्ग के कर्मी को कितना लाभ सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के आलोक में वर्ग चार में इंट्री लेबल पर मूल वेतन 18000 रुपये होगा। इस वेतनमान पर 2% की दर से महंगाई भत्ता  मिलेगा। वर्तमान में दी जा रही आवास भत्ता व अन्य सुविधाएं इसी रूप में। सचिवालय सहायक, डॉक्टर, सहायक अभियंता, राज्य प्रशासनिक सेवा के  अफसरों का इंट्री लेबल पर मूल वेतन 35,400 रुपये होगा। इस पर 2% की दर से महंगाई भत्ता देय होगा। आवास भत्ता व अन्य भत्ते वर्तमान  की तरह मिलते रहेंगे।


अखिल भारतीय सेवा में इंट्री लेबल पर मूल वेतन  56,100 रुपये होगा। इस वेतन पर दो प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता और फिलहाल  दी जा रही आवास भत्ता और अन्य सुविधाएं देय होंगी। पेंशनधारियों के लिए प्रावधान नये वेतनमान का लाभ उन्हीं पेंशनभोगियों को मिलेगा, जो इसके प्रभावी होने की तिथि (जनवरी 2016) के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं न्यूनतम पेंशन की राशि नौ हजार रुपये होगी। जबकि अधिकतम राशि कर्मचारी के अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी सेवानिवृत्त कर्मियों को पूर्व की तरह 80 वर्ष की उम्र व उससे अधिक होने पर अतिरिक्त पेंशन राशि दी जायेगी।


80 से 85 तक के पेंशनधारियों को रिवाइज्ड पेंशन की 20% अतिरिक्त  राशि मिलेगी 85 से 90 की उम्र में यह 30% हो जायेगी. 90 से 95 की  उम्र में यह 40% और 95 से 100 में 50 प्रतिशत हो जायेगी। 100 वर्ष से अधिक की उम्र होने पर अतिरिक्त पेंशन की राशि 100%

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