US कमांडोज़ ने नहीं मारा लादेन को, छिपाए जा रहे मौत से जुड़े तथ्य: अमेरिकी खोजी पत्रकार

अमेरिका के खोजी पत्रकार सीमौर मीरो हर्ष इराक युद्ध, वियतनाम में निर्दोष नागरिकों के कत्ले-आम और ओसामा बिन लादेन की मौत को लेकर अमेरीकी सरकार को कटघरे में खड़ा करने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में अल-कायदा लीडर लादेन को मारने की घटना को अमेरीका की फंतासी (कल्पना) करार दिया।

US कमांडोज़ ने नहीं मारा लादेन को, छिपाए जा रहे मौत से जुड़े तथ्य: अमेरिकी खोजी पत्रकार

अमेरिका के खोजी पत्रकार सीमौर मीरो हर्ष इराक युद्ध, वियतनाम में निर्दोष नागरिकों के कत्ले-आम और ओसामा बिन लादेन की मौत को लेकर अमेरीकी सरकार को कटघरे में खड़ा करने के लिए जाने जाते हैं। खोजी पत्रकार हर्ष ने पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश से लेकर ओबामा प्रशासन तक की इराक नीति को लेकर जमकर आलोचना की है। यूएस मिलिट्री और राष्ट्रीय सुरक्षा के मसले पर 'द न्यू यॉर्कर' पत्रिका में लिखे उनके आलोचनात्मक लेख दुनियाभर में सराहे गए हैं।

लादेन की मौत फंतासी

राजस्थान पत्रिका में छपी खबरों के मुताबिक हर्ष ने 2016 में 'अल-जजीरा' को दिए इंटरव्यू में कहा कि अफगानिस्तान में अमेरीका हमले और ओसामा बिन लादेन की मौत से 'युद्ध' में कोई परिवर्तन नहीं आया। उन्होंने 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में अल-कायदा लीडर लादेन को मारने की घटना को अमेरीका की फंतासी (कल्पना) करार दिया।उन्होंने कहा कि अमेरिकी कमांडोज ने लादेन को नहीं मारा। अमेरीकी सरकार लादेन की मौत से जुड़े तथ्यों को छिपा रही है।

इराक युद्ध के लिए बुश की कड़ी आलोचना

इराक पर आक्रमण कर अमेरीका ने 2003 में सद्दाम हुसैन के शासन का अंत किया। हर्ष ने 'द न्यू यॉर्कर पत्रिका' में यूएस मिलिट्री और सुरक्षा के मसले समेत इराक युद्ध को लेकर आलोचनात्मक लेख लिखे। सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए है।

माई लाई नरसंहार का खुलासा

खोजी पत्रकार सीमौर मीरो हर्ष ने 12 नवंबर 1969 को 'माई लाई नरसंहार' पर खुलासा किया और हजारों निर्दोष वियतनामी नागरिकों की मौत के लिए अमेरीकी सैनिकों को जिम्मेदार ठहराया। इसके बाद विश्वभर में वियतनाम से अमेरीकी सेनाओं को वापस बुलाए जाने की मांग ने जोर पकड़ा है।