RSS को वाजपेयी सरकार से मिली थी जमीन, यूपीए ने किया था रद्द, मोदी ने फिर वापस दी

RSS की संस्थाओं को वाजपेयी सरकार ने दी थीं जमीनें, यूपीए-1 ने किया रद्द, नरेंद्र मोदी ने फिर वापस दे दीं

RSS को वाजपेयी सरकार से मिली थी जमीन, यूपीए ने किया था रद्द, मोदी ने फिर वापस दी

मोदी सरकार ने दो दर्जन धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक संस्थानों को दी गई जमीन को बहाल करने का फैसला किया है। इन्हें अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान आवंटित दिया गया था, लेकिन यूपीए-1 के सत्ता में आते ही इन्हें रद्द कर दिया गया। जिन संस्थाओं को जमीन दी गई है, वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हैं। कैबिनेट की मंजूरी देते हुए केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम.वेंकैया नायडू ने टाइम्स अॉफ इंडिया को बताया कि यह जमीन साल 2000-01 के दौरान सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाओं को दी गई थी।

नायडू ने कहा कि एनडीए के सत्ता में आने के बाद इन संस्थाओं ने प्रतिनिधि बनाए और मंत्रालय ने इस मामले को देखने के लिए दो रिटायर्ड सचिवों का एक पैनल बनाया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जिन संस्थाओं को जमीन वापस मिली है उनमें श्यामा प्रसाद मुखर्जी समिति न्यास, विश्व संवाद केंद्र, धर्मयात्रा महासंघ और अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम शामिल है।

बता दें,  इससे पहले फरवरी 2015 में भी यह खबर आई थी कि नरेंद्र मोदी सरकार यूपीए सरकार के इस फैसले को रिव्यू करने की प्लानिंग कर रही है।  सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब शहरी विकास मंत्रालय दिल्ली हाई कोर्ट जाएगा ताकि लंबित पड़े इस मामले को कैंसल कराया जा सके।